तमिलनाडु: 3 लाख से ज़्यादा दुग्ध उत्पादकों को राहत, सरकार ने ₹3 प्रति लीटर बढ़ाई दूध की खरीद कीमत
तमिलनाडु सरकार ने राज्य के 3.16 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादकों को बड़ी राहत देते हुए दूध की खरीद कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने…
तमिलनाडु सरकार ने राज्य के 3.16 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादकों को बड़ी राहत देते हुए दूध की खरीद कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने विधानसभा में नियम 110 के तहत यह घोषणा की, जिसके बाद खरीद मूल्य 38 रुपये से बढ़कर 41 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
इस फैसले से राज्य सरकार पर हर साल 360 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा, जो मासिक रूप से 30 करोड़ रुपये होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंभीर आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, दुग्ध उत्पादकों की आजीविका का ध्यान रखना और उनकी मेहनत का सम्मान करना सरकार का कर्तव्य है।
कीमत में बढ़ोतरी का गणित
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने बताया कि यह वृद्धि दो हिस्सों में की गई है। सरकार ने सहकारी समितियों के माध्यम से खरीद मूल्य में एक रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रोत्साहन को भी 3 रुपये से बढ़ाकर 5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इस प्रकार, कुल मिलाकर 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है, जिससे खरीद मूल्य 41 रुपये तक पहुंच गया है।
राज्य में दूध का उत्पादन और वितरण
मुख्यमंत्री ने राज्य में दूध उत्पादन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "हमारी परंपरा की महानता यह है कि हम गाय को पवित्र मानते हैं और उसकी पूजा करते हैं, क्योंकि गाय न सिर्फ अपने बछड़े के लिए, बल्कि इंसानों और कई अन्य जीवों के लिए भी दूध देती है, जिससे जीवन चलता है।"
उन्होंने जानकारी दी कि तमिलनाडु में 8,800 दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से 3.16 लाख दुग्ध उत्पादक प्रतिदिन 34 लाख लीटर दूध की आपूर्ति करते हैं। इसमें से 'आविन' ब्रांड के जरिए ग्राहकों को रोजाना 31 लाख लीटर दूध वितरित किया जाता है। नवंबर 2022 से 4.3% फैट और 8.2% एसएनएफ वाले दूध का खरीद मूल्य 35 रुपये प्रति लीटर था, जिसमें 3 रुपये का सरकारी प्रोत्साहन शामिल होकर यह 38 रुपये बनता था। सीएम ने यह भी कहा कि पिछली सरकार ने उत्पादकों की मेहनत और बढ़ती लागत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया था।
इनपुट: IANS



