मुंबई: साई ग्रुप पर 43.73 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, ED ने PMLA कोर्ट में शिकायत दर्ज की
मुंबई के साई ग्रुप और उसके प्रमोटरों पर फ्लैट खरीदारों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में मुंबई की एक विशेष पीएमएलए अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग…
मुंबई के साई ग्रुप और उसके प्रमोटरों पर फ्लैट खरीदारों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में मुंबई की एक विशेष पीएमएलए अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस शिकायत में जयेश विनोद तन्ना, दीप विनोद तन्ना और विवेक जयेश तन्ना समेत साई ग्रुप की सात अन्य कंपनियों को आरोपी बनाया गया है।
एजेंसी की जांच में सामने आया है कि प्रमोटरों ने मुंबई के डीएन नगर, अंधेरी, कांदिवली और गोरेगांव में प्रस्तावित रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए फ्लैट और दुकान खरीदारों से जुटाए गए फंड का दुरुपयोग किया। आरोप है कि इस पैसे को निजी फायदे के लिए दूसरे प्रोजेक्ट्स में लगाया गया और कुछ रकम विदेश भी भेजी गई, जिस वजह से प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे नहीं हो सके।
घर खरीदारों को 43.73 करोड़ का चूना
ईडी के अनुसार, इस धोखाधड़ी के कारण घर खरीदारों, पुराने किरायेदारों और निवेशकों को कुल मिलाकर 43.73 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसी राशि के बराबर की संपत्ति एजेंसी पहले ही कुर्क कर चुकी है। इन संपत्तियों में मुंबई और अहमदनगर में स्थित अचल संपत्तियों के अलावा यूनाइटेड किंगडम की एक प्रॉपर्टी भी शामिल है।
पुलिस FIR के आधार पर शुरू हुई थी जांच
प्रवर्तन निदेशालय ने यह जांच 2024 में मुंबई पुलिस द्वारा जयेश विनोद तन्ना, दीप विनोद तन्ना और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। मुंबई पुलिस अब तक ऐसे 17 में से 14 मामलों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। ईडी ने 31 जुलाई 2026 को अपनी शिकायत अदालत में दायर की, जिसके बाद विशेष पीएमएलए कोर्ट ने सभी आरोपियों को प्री-कॉग्निजेंस नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। एजेंसी ने अपनी शिकायत के समर्थन में दस्तावेजी सबूत, बैंक लेन-देन और गवाहों के बयान भी अदालत में पेश किए हैं।
इनपुट: IANS



