MCD रिश्वत कांड: टेंडर खत्म होने पर भी होर्डिंग लगाने की इजाज़त देने के आरोप में वरिष्ठ अधिकारी समेत 3 गिरफ्तार
दिल्ली नगर निगम (MCD) में कथित रिश्वतखोरी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश हुआ है, जहाँ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक वरिष्ठ अधिकारी समेत तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS…
दिल्ली नगर निगम (MCD) में कथित रिश्वतखोरी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश हुआ है, जहाँ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक वरिष्ठ अधिकारी समेत तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ये गिरफ्तारियां 15 लाख रुपए की रिश्वत के लेन-देन के दौरान की गईं। आरोपियों पर टेंडर की अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी अवैध रूप से बिल बोर्ड और होर्डिंग लगाने की अनुमति देने के एवज में रिश्वत लेने का आरोप है।
सीबीआई ने 16 सितंबर को एमसीडी के विज्ञापन विभाग से जुड़े एक इंस्पेक्टर और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच एजेंसी को जानकारी मिली थी कि कुछ अधिकारी निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर रिश्वत का एक नेटवर्क चला रहे हैं। इसके बाद, सीबीआई ने एक जाल बिछाया और उसी दिन दिल्ली में रिश्वत की रकम लेते-देते तीनों को धर दबोचा।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार किए गए लोगों में अनिल कुमार उर्फ खत्री शामिल हैं, जो नई दिल्ली के दक्षिण एवं नजफगढ़ जोन में एमसीडी के विज्ञापन विभाग में वरिष्ठ सचिवालय सहायक (SSA) के पद पर तैनात हैं। उनके अलावा, निजी कंपनी मेसर्स नाक्स क्रिएटर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अनंत कुमार शर्मा और इसी कंपनी के प्रतिनिधि दिलीप पटेल को भी गिरफ्तार किया गया है।
रिश्वतखोरी का पूरा मामला
सीबीआई के आरोपों के मुताबिक, यह गिरोह टेंडर खत्म होने के बाद भी विज्ञापन कंपनियों को बिल बोर्ड, होर्डिंग और एलईडी डिस्प्ले लगाने की इजाजत देता था। इसके अलावा, स्वीकृत संख्या से ज्यादा होर्डिंग लगाने की अनुमति देने के लिए भी मोटी रकम वसूली जा रही थी। एजेंसी ने बताया कि आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी के दौरान 25.25 लाख रुपए नकद भी बरामद हुए हैं।
फिलहाल, इस मामले से जुड़े विभिन्न स्थानों पर छापेमारी और तलाशी अभियान जारी है। सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि इस कथित अवैध वसूली का दायरा कितना बड़ा था और क्या इसमें नगर निगम के अन्य अधिकारी या और कंपनियां भी शामिल हैं।
इनपुट: IANS



