अहमदाबाद से 3 गिरफ्तार: दिल्ली पुलिस ने APK फ्रॉड से जुड़े बड़े सिंडिकेट का किया भंडाफोड़
दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने एक संगठित साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खतरनाक एपीके (APK) फाइलों के जरिए लोगों के बैंक खातों से पैसे उड़ा रहा था। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के…
दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने एक संगठित साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खतरनाक एपीके (APK) फाइलों के जरिए लोगों के बैंक खातों से पैसे उड़ा रहा था। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में गुजरात के अहमदाबाद से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से 11 क्रेडिट कार्ड और 3 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब विकास कुमार नाम के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि एक अनजान एसएमएस लिंक पर क्लिक करने के बाद उनके खाते से 6,57,715 रुपये निकाल लिए गए। शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस के दक्षिणी जिले के साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस ने जब मामले की तकनीकी और वित्तीय जांच की, तो पता चला कि ठगी गई रकम में से 4 लाख रुपये दो अलग-अलग लेनदेन के जरिए आरोपियों से जुड़े क्रेडिट कार्ड्स में ट्रांसफर किए गए थे। इसी सुराग के आधार पर इंस्पेक्टर हंसराज स्वामी और एसीपी बलराम सिंह बेनीवाल की देखरेख में एक विशेष टीम ने अहमदाबाद में छापेमारी की।
पुलिस ने मौके से मोहम्मद इस्माइल अंसारी, शेख मोहम्मद नुरेन और तारिक अहमद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यह बात सामने आई कि ये आरोपी कमीशन के बदले अपने क्रेडिट कार्ड मुहैया कराते थे, ताकि धोखाधड़ी से मिले पैसों को इधर-उधर भेजा जा सके।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और क्रिप्टो कनेक्शन
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि यह सिंडिकेट वॉट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए दूसरे हैंडलर्स से जुड़ा हुआ था, जिनमें कुछ अमेरिका (USA) से जुड़े नंबर भी शामिल हैं। यह गिरोह ठगी के पैसों को क्रिप्टोकरेंसी यूएसडीटी (USDT) में बदल रहा था ताकि उसे पकड़ना मुश्किल हो जाए।
आरोपियों में से एक, मो. इस्माइल अंसारी, आईडीबीआई बैंक में एक संविदा कर्मचारी के तौर पर काम करता था। बाकी दो आरोपी, शेख मोहम्मद नुरेन और तारिक अहमद, कमीशन पर धोखाधड़ी के लेन-देन के लिए क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने का काम करते थे। दक्षिणी जिले के डीएसपी अनंत मित्तल ने बताया है कि इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच की जा रही है।
इनपुट: IANS



