सोमवार, 21 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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कर्नाटक: 5 करोड़ की नकली दवाओं के रैकेट का भंडाफोड़, फाइजर डिपो समेत कई लाइसेंस निलंबित

कर्नाटक में करोड़ों रुपये की नकली दवाओं के एक बड़े रैकेट का खुलासा होने के बाद राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में एक फाइजर सी-एफ…

कर्नाटक: 5 करोड़ की नकली दवाओं के रैकेट का भंडाफोड़, फाइजर डिपो समेत कई लाइसेंस निलंबित
(फोटो: IANS)

कर्नाटक में करोड़ों रुपये की नकली दवाओं के एक बड़े रैकेट का खुलासा होने के बाद राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में एक फाइजर सी-एफ डिपो सहित आठ दवा लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि 16 लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। विभाग ने आम जनता को भी सतर्क रहने और केवल लाइसेंस प्राप्त दवा की दुकानों से ही दवा खरीदने की सलाह दी है।

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यह पूरा मामला 18 अगस्त को बेंगलुरु दक्षिण जिले के बिदादी स्थित एक फार्महाउस पर हुई छापेमारी के बाद सामने आया। कर्नाटक खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (FDA) की ड्रग एनफोर्समेंट विंग ने इस ऑपरेशन में एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया, जो बिना लाइसेंस के दवाओं की रीपैकेजिंग और रीलेबलिंग कर रहा था।

छापेमारी में क्या मिला?

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने लगभग 5.05 करोड़ रुपये मूल्य की नकली दवाएं, मशीनरी और प्रिंटिंग सामग्री जब्त की। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गिरोह पड़ोसी राज्यों से सस्ती दवाएं खरीदता था और उन्हें नई शीशियों में भरकर मल्टीनेशनल कंपनियों के महंगे जीवन रक्षक उत्पादों के नकली लेबल लगा देता था। इनमें फाइजर ब्रांड के उत्पाद भी शामिल थे। अधिकारियों ने पाया कि इन नकली लेबलों पर लगे क्यूआर कोड भी काम नहीं कर रहे थे।

जांच और कानूनी कार्रवाई

इस मामले में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों को संदेह है कि इन जब्त दवाओं में या तो कोई सक्रिय औषधीय तत्व नहीं है, या फिर उनमें गलत या हानिकारक पदार्थ हो सकते हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। जब्त किए गए उत्पादों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे गए हैं ताकि उनकी रासायनिक संरचना का पता लगाया जा सके।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, जांच का दायरा छह राज्यों तक फैला दिया गया है ताकि पूरी सप्लाई चेन का पता लगाया जा सके। विभाग ने जब्त दवाओं के बैच नंबर को अपने पोर्टल पर ब्लॉक कर दिया है, जिससे उनकी आगे की बिक्री या वितरण पर रोक लग सके।

नागरिकों के लिए सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे दवाएं खरीदते समय हमेशा वैध टैक्स इनवॉइस लें। अगर दवा की पैकेजिंग संदिग्ध लगे या उस पर दिया गया क्यूआर कोड स्कैन न हो, तो इसकी सूचना तुरंत ड्रग एनफोर्समेंट अधिकारियों को दें। विभाग ने यह भी बताया है कि जब्त की गई सभी सामग्री को बेंगलुरु दक्षिण की जेएमएफसी अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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