दिल्ली चुनाव : शालीमार बाग जिसने दिल्ली को दिया दूसरा मुख्यमन्त्री

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दिल्ली चुनाव : शालीमार बाग जिसने दिल्ली को दिया दूसरा मुख्यमन्त्री

शालीमार बाग दिल्ली के 70 सदस्यीय विधानसभा सीटों में से एक है. यह चांदनी चौक संसदीय सीट के तहत आता है. शालीमार बाग पहले आउटर दिल्ली का हिस्सा हुआ करता था, लेकिन 2008 में परिसीमन आयोग जिसे भारतीय सीम आयोग भी कहा जाता है. जिनके आदेश से यह सीट चांदनी चौक संसदीय सीट के हिस्से में चली गई.

शालीमार बाग दिल्ली के उन 3 चंद सीटों में से है. जहां से चुने हुए प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला है. भारतीय जनता पार्टी के साहिब सिंह वर्मा 1993 में हुए चुनाव में इस सीट ने विजय हासिल की थी. 1993 में मोती नगर विधानसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद मदन लाल खुराना दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री बने थे, इसके बाद साहिब सिंह वर्मा 1996 में मुख्यमंत्री बने जो शालीमार बाग से जीत कर विधानसभा पहुंचे.

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दिल्ली के छठे विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की बंदना कुमारी ने भारतीय जनता पार्टी की रेखा गुप्ता को चुनाव में हराया था. इस चुनाव में जो विजेता थी और जो उपविजेता थी दोनों ही महिला रहीं. यहां पर कांग्रेस का परिणाम अच्छा नही रहा जिसके बाद तीसरे स्थान पर रहने के लिए कांग्रेस को मजबूर होना पड़ गया.

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अगर बात शालीमार बाग के विधायक की करें, तो आम आदमी पार्टी की बंदना कुमारी की ओर से 2015 के चुनाव में दाखिल हलफनामे के अनुसार उन पर एक आपराधिक केस दर्ज है. जिनके पास 8,87,71,227 रुपये की संपत्ति है. बीजेपी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता के खिलाफ 2 आपराधिक केस दर्ज है. 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा के लिए सिर्फ एक चरण में मतदान हो रहा है. 8 फरवरी को वोट डाले जाएंगे जबकि मतगणना 11 फरवरी को होगी. दिल्ली में इसका कार्यकाल 22 फरवरी 2020 को समाप्त हो रहा है.