दिल्ली दंगा साजिश मामला: उमर खालिद और शरजील इमाम को फिर झटका, कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज की
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। दोनों आरोपियों ने दूसरी बार जमानत के लिए अर्जी दी थी, जिसे अदा
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। दोनों आरोपियों ने दूसरी बार जमानत के लिए अर्जी दी थी, जिसे अदालत ने नामंजूर कर दिया। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, दोनों आरोपी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।
उमर खालिद और शरजील इमाम करीब छह साल से जेल में हैं। उनकी नई जमानत अर्जी का आधार यह था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी पिछली याचिका खारिज किए जाने के छह महीने बाद भी मुकदमे में कोई खास प्रगति नहीं हुई है।
जमानत अर्जी में क्या थीं दलीलें?
सुनवाई के दौरान शरजील इमाम के वकील ने अदालत को बताया कि जनवरी में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद छह महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन मामले में आरोप तय करने पर बहस भी पूरी नहीं हो सकी है। उमर खालिद ने भी इसी आधार पर नियमित जमानत की मांग की थी, जिसके बाद अदालत ने दोनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की। पिछले महीने कोर्ट ने इन याचिकाओं पर दिल्ली पुलिस से जवाब तलब किया था।
सुप्रीम कोर्ट का पिछला फैसला
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी साल 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं यह कहते हुए खारिज कर दी थीं कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूत पहली नजर में UAPA की धारा 43D(5) के तहत जमानत पर रोक को सही ठहराते हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले में पांच अन्य सह-आरोपियों—गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद—को जमानत दे दी थी।
इनपुट: IANS



