सोमवार, 27 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों की सज़ा पर 31 जुलाई को आएगा फैसला, पुलिस ने की मौत की सज़ा की मांग

साल 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की नृशंस हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट 31 जुलाई को सज़ा का ऐलान करेगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक…

अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों की सज़ा पर 31 जुलाई को आएगा फैसला, पुलिस ने की मौत की सज़ा की मांग
(फोटो: IANS)

साल 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की नृशंस हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट 31 जुलाई को सज़ा का ऐलान करेगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में दोषी ठहराए गए आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों की सज़ा पर फैसला सुनाया जाना है। दिल्ली पुलिस और अंकित शर्मा के परिवार ने सभी दोषियों के लिए मौत की सज़ा की मांग की है।

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सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने इस हत्याकांड को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' (दुर्लभतम) मामला बताते हुए दोषियों के लिए किसी भी तरह की रियायत का विरोध किया। पुलिस ने अदालत को बताया कि अंकित शर्मा पर बेहद बर्बरता से हमला किया गया था और उनके शरीर पर 51 घाव पाए गए थे, जिनमें से 16 धारदार हथियारों से किए गए थे और सात घाव जानलेवा साबित हुए।

पुलिस और बचाव पक्ष की दलीलें

पुलिस ने अपनी दलील में कहा, "अपराध की प्रवृत्ति हीन, क्रूर और कोल्ड ब्लडेड मर्डर वाली थी। दोषी अपराध के समय कसाई बन गए थे।" पुलिस ने यह भी कहा कि अंकित की मौत के बाद भी उनके शव को नुकसान पहुंचाया गया और उनके शरीर पर केवल अंतर्वस्त्र थे। पुलिस ने सवाल उठाया कि अगर अंकित के पास डंडा था भी, तो क्या इससे भीड़ को उनकी इस तरह हत्या करने का लाइसेंस मिल गया?

वहीं, दोषी ताहिर हुसैन के वकील ने मौत की सज़ा की मांग का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि यह मामला मौत की सज़ा के लायक नहीं है और इसमें अधिकतम उम्रकैद दी जा सकती है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि पूरे मुकदमे के दौरान सिर्फ घटनास्थल पर ताहिर की मौजूदगी साबित हुई है, हत्या में उनकी कोई सीधी भूमिका साबित नहीं हो पाई। वकील ने यह भी कहा कि हत्या की साजिश (IPC 120B) का कोई सबूत पेश नहीं किया गया और जिन लोगों पर हमलावर भीड़ का हिस्सा होने का आरोप था, उन्हें अदालत बरी कर चुकी है।

31 जुलाई को होगा फैसला

ताहिर हुसैन के वकील ने कहा कि सिर्फ घावों की संख्या के आधार पर मौत की सज़ा तय नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि जहां अंकित की हत्या हुई, वहां ताहिर मौजूद नहीं था और न ही वह हत्या की साजिश में शामिल था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अब अदालत इस संवेदनशील मामले में 31 जुलाई को अपना फैसला सुनाएगी।

इनपुट: IANS

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News4Social दिल्ली डेस्क

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