दिल्ली: वोटर लिस्ट पुनरीक्षण में धांधली का आरोप, AAP ने कहा- गांवों और कच्ची कॉलोनियों की हो रही अनदेखी
दिल्ली में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि दिल्ली के गांवों और अनधिकृत कॉलोनियों में…
दिल्ली में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि दिल्ली के गांवों और अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाली एक बड़ी आबादी को इस प्रक्रिया से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है, जहाँ लगभग 50 प्रतिशत लोगों तक एन्यूमरेशन फॉर्म ही नहीं पहुँचाए गए हैं।
आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने चुनाव आयोग के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें 99 प्रतिशत से अधिक फॉर्म वितरित करने की बात कही गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भारद्वाज ने कहा कि पॉश कॉलोनियों और DDA फ्लैट्स में तो घर-घर फॉर्म पहुँचाए गए, लेकिन उन इलाकों की अनदेखी की गई जहाँ दिल्ली की लगभग 70 प्रतिशत आबादी रहती है। उन्होंने सवाल उठाया, "यदि लोगों को एन्यूमरेशन फॉर्म ही नहीं मिलेगा, तो वे उसे भरकर जमा कैसे करेंगे और उनका एसआईआर कैसे पूरा होगा।"
विधायकों ने बताई जमीनी हकीकत
बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने भी प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अपने विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि कई बूथों पर केवल 30 से 35 प्रतिशत फॉर्म ही जमा हुए हैं। झा ने बूथ नंबर 64, 158 और 160 के आंकड़े देते हुए दावा किया कि हजारों मतदाताओं में से कुछ सौ ने ही फॉर्म जमा किए हैं, और बाकी लोगों के नाम 'शिफ्टेड' दिखाकर मतदाता सूची से हटाने की तैयारी चल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्री-एसआईआर अभियान में पहले ही लाखों मतदाताओं के नाम काटे जा चुके हैं।
भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप
आप नेता और पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक ने इस पूरी प्रक्रिया पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीएलओ पर दबाव डालकर मतदाता सूची में बदलाव कराया जा रहा है। पाठक ने विशेष रूप से किराए पर रहने वाले लोगों की समस्या पर ध्यान दिलाया, जो रोजगार के कारण अक्सर घर बदलते रहते हैं और जिनके वोट कटने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। उन्होंने चुनाव आयोग से दिल्ली की विशेष परिस्थितियों को समझते हुए अधिक संवेदनशीलता बरतने की अपील की।
प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ाने की मांग
इन आरोपों के बीच आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि एसआईआर प्रक्रिया के लिए और समय दिया जाए। साथ ही, पार्टी ने उन मतदाताओं के लिए एक विशेष समाधान निकालने का आग्रह किया है, जिनके नाम पहले ही सूची से हटा दिए गए हैं। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि प्रक्रिया इसी तरह चलती रही तो दिल्ली की एक बड़ी आबादी अपने मताधिकार से वंचित हो सकती है।
इनपुट: IANS



