अयोध्या विवाद पर निर्णय !
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह अयोध्या में राम मंदिर भूमि विवाद मामले में इलाहबाद हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को शीघ्र सुनवाई के लिए सूचीबद्ध…
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह अयोध्या में राम मंदिर भूमि विवाद मामले में इलाहबाद हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को शीघ्र सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर निर्णय लेगा । भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने शुक्रवार को मुख्य न्यायधीश जेएस खेहर और डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ वाली बैठक के समक्ष विशेष उल्लेख के दौरान पर सुनवाई शुरू करने का आग्रह किया था। बैठक ने कहा कि हम इस बारे में जल्द ही निर्णय करेंगे।
भाजपा नेता ने अपनी दलील में कहा कि इलाहबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ मुख्य अपीलें शीर्ष न्यायालय से सात वर्षों से रुका हुआ है और उन पर जल्द सुनवाई की जरूरत है। अपनी दलील में उन्होंने यह भी कहा कि उस स्थान पर बिना किसी परेशानी के पूजा-अर्चना के उनके अधिकार के पालन के लिए उन्होंने पहले भी अलग से एक याचिका दायर की थी।
इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने तीन माह पूर्व स्वामी की अर्जी पर सुझाव दिया था कि मामले के पक्षकार कोर्ट से बाहर मामले को सुलझा ले। मुख्य न्यायधीश ने यहाँ तक कहा था कि वह पक्षों के बीच में मध्यस्थ करने को भी तैयार है। लेकिन बाद में कोर्ट को जब पता लगा कि स्वामी इस मामले में पक्ष नहीं है तो कोर्ट ने इस रूख से कदम पीछे खींच लिए।
आपको बात दें, इलाहबाद उच्च न्यायलय ने 2010 में अयोध्या के 277 एकड़ विवादित क्षेत्र को तीन भागों में बांटने का आदेश दिया था। तीन न्यायधीशों वाली बैठक ने 2:1 के बहुमत वाले आदेश में कहा था कि उक्त भूमि को तीन पक्षकारो निर्माही अखाड़ा, राम लला और सुन्नी वक्फ बोर्ड के बीच बाँट दिया जाए । इस फैसले को किसी पक्ष ने नहीं माना और इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपीलें दायर की । कोर्ट ने इस फैसले को रोक दिया था और तब से यह सुप्रीम कोर्ट में ही रुका हुआ है ।



