मंगलवार, 25 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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अमरावती हादसा: दम घुटने से गई नवजातों की जान, वेंटिलेशन की कमी बनी वजह - विशेषज्ञ

महाराष्ट्र के अमरावती स्थित महिला जिला अस्पताल के NICU में तीन नवजात शिशुओं की मौत दम घुटने से हुई हो सकती है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में मुंबई के कामा अस्पताल के डीन डॉ. तुषार पालवे ने शुरुआती…

अमरावती हादसा: दम घुटने से गई नवजातों की जान, वेंटिलेशन की कमी बनी वजह - विशेषज्ञ
(फोटो: IANS)

महाराष्ट्र के अमरावती स्थित महिला जिला अस्पताल के NICU में तीन नवजात शिशुओं की मौत दम घुटने से हुई हो सकती है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में मुंबई के कामा अस्पताल के डीन डॉ. तुषार पालवे ने शुरुआती जानकारी के आधार पर यह आशंका जताई है। उनके अनुसार, आग लगने के बाद पैदा हुए धुएं और ज़हरीली गैसों के बाहर निकलने की उचित व्यवस्था न होना इस हादसे का एक बड़ा कारण हो सकता है।

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अमरावती की घटना के बाद मुंबई के कामा अस्पताल में भी मरीज़ों की सुरक्षा को लेकर एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस दौरान डॉ. पालवे ने इस दुखद घटना के संभावित कारणों और उससे मिलने वाली सीख पर विस्तार से बात की।

आग लगने और फैलने की वजह

डॉ. पालवे ने IANS को बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, अमरावती अस्पताल के वेंटिलेटर में धमाका हुआ था। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि वेंटिलेटर में एक कंप्रेसर होता है। कभी-कभी गर्मी की वजह से उसमें धमाका हो जाता है और आग लग जाती है।" उन्होंने आगे जोड़ा कि NICU में ऑक्सीजन की सप्लाई अधिक होने के कारण आग तेज़ी से फैल सकती है।

मौत का कारण जलना नहीं, दम घुटना

डॉ. पालवे ने स्पष्ट किया कि इन मौतों का कारण जलना नहीं, बल्कि दम घुटना प्रतीत होता है। उन्होंने कहा, "जो तीन मौतें हुई हैं, मुझे लगता है कि वह जलने की वजह से नहीं, बल्कि दम घुटने की वजह से हुई होगी।" उन्होंने समझाया कि आग से कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसें बनती हैं, जिनकी अधिकता के कारण कमज़ोर नवजातों की जान चली गई। डॉ. पालवे ने कहा, "शुरुआती खबरों से लगता है कि थोड़ी वेंटिलेशन की कमी रही होगी, जिसकी वजह से बच्चों की मौत हो गई।"

हादसे से मिली ये ज़रूरी सीख

इस हादसे को एक चेतावनी बताते हुए डॉ. पालवे ने अस्पतालों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि NICU में लगातार चलने वाले इलेक्ट्रिकल उपकरणों और वेंटिलेटर जैसी मशीनों का नियमित रखरखाव अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अपने अस्पताल का उदाहरण देते हुए बताया, "हमारे यहां पर एनआईसीयू कंबाइंड नहीं है। अलग-अलग 16 केबिन बनाए गए हैं... ऐसे में अगर एक केबिन में आग लगती है तो वह दूसरी जगह पर नहीं फैलती।"

इनपुट: IANS

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