खाँसी की सीरप की वजह से पृथ्वी शॉ पर लगा नवंबर तक बैन

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भारत के युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ को इस साल 15 नवंबर तक डोपिंग में फेल होने के चलते प्रतिबंध लगा दिया गया है। डोपिंग का कारण उन्हें एक प्रतिबंधित सीरप लेने के कारण “अनजाने में” में लेने के कारण हुआ। विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की सूची में यह सीरप यह एक प्रतिबंधित दवा है। इस ड्रग्स का नाम Terbutaline है जो आमतौर पर खांसी की दवाई में पाया जाता है।आपको बता दें कि पृथ्वी पिछले साल से ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से दूर हैं।

पृथ्वी शॉ

शॉ को डोपिंग उल्लंघन के लिए वेस्टइंडीज में आगामी दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया था, क्योंकि 19 वर्षीय शॉ को 16 जुलाई को अनंतिम रूप से निलंबित कर दिया गया था। मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद द्वारा दिए गए “कूल्हे की चोट” की चर्चा 21 जुलाई को चयन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में की थी।

पृथ्वी शॉ ने इस बारें में सोशल में खुद बताया।

शॉ पिछली सर्दियों में ऑस्ट्रेलिया गए थे लेकिन टखने की चोट के कारण टेस्ट श्रृंखला से बाहर हो गए थे। 16 जुलाई 2019 को शॉ पर बीसीसीआई के डोपिंग रोधी नियम (एडीआर) अनुच्छेद 2.1 के तहत डोपिंग रोधी नियम उल्लंघन (एडीआरवी) के आरोप लगाए गए थे और अनंतिम रूप से निलंबित कर दिया गया था। शॉ ने एडीआरवी को स्वीकार करते हुए आरोप का जवाब दिया, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्होंने अनजाने में ये किया।

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पृथ्वी 2019 में 15 नवंबर के बाद उपलब्ध रहेंगे। शॉ के साथ राजस्थान के विदर्भ के अक्षय दुलावकर और दिव्य गजराज को भी डोपिंग उल्लंघन के लिए प्रतिबंधित किया गया है।