उत्तराखंड 'शुद्धिकरण' मामले से लेकर सोनिया गांधी की किताब तक, कांग्रेस ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरा
कांग्रेस पार्टी ने केंद्र और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर कई मोर्चों पर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं ने उत्तराखंड के कथित 'शुद्धिकरण' मामले, राहुल गांधी के खिलाफ FIR, एक प्रकाशक पर सोनिया…
कांग्रेस पार्टी ने केंद्र और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर कई मोर्चों पर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं ने उत्तराखंड के कथित 'शुद्धिकरण' मामले, राहुल गांधी के खिलाफ FIR, एक प्रकाशक पर सोनिया गांधी की किताब न छापने के लिए कथित दबाव और प्रधानमंत्री के छात्र संवाद जैसे मुद्दों पर सरकार की मंशा और कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाई चयनात्मक है। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ तेजी से FIR दर्ज किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि वहीं दूसरी ओर, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के पत्र पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
उत्तराखंड के मुद्दे और गिरफ्तारी पर सवाल
कुमारी सैलजा ने उत्तराखंड के 'शुद्धिकरण' मामले को लेकर देहरादून में पार्टी द्वारा प्रदर्शन किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के समय पर भी सवाल उठाया। सैलजा ने कहा कि जब मामले से जुड़ी बातें पहले से ही सार्वजनिक थीं, तो कार्रवाई में इतनी देर क्यों हुई? उन्होंने कहा, "कम से कम लोगों को यह विश्वास तो होना चाहिए कि कानून सभी के लिए समान है और सरकार न्याय के साथ खड़ी है।" उनके मुताबिक, कार्रवाई में देरी से सरकार की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
सोनिया गांधी की किताब और पीएम का छात्र संवाद
वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की आने वाली किताब को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार पर परोक्ष रूप से दबाव बनाने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि ऐसी चर्चा है कि प्रकाशन कंपनी पर किताब प्रकाशित न करने का दबाव था, जो एक गंभीर विषय है। उन्होंने कहा, "देश में ऐतिहासिक और तथ्यात्मक घटनाओं को सामने रखने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।" पायलट ने सोनिया गांधी के राजनीतिक जीवन में योगदान और त्याग की सराहना की और खुशी जताई कि अब कोई दूसरी कंपनी यह किताब प्रकाशित कर रही है।
शिक्षक दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) दौरे पर भी सचिन पायलट ने टिप्पणी की। उन्होंने इसे सरकार की छवि बदलने की एक देरी से की गई कोशिश बताया। पायलट ने आरोप लगाया कि पेपर लीक और परीक्षाओं में अव्यवस्था के कारण युवाओं में सरकार के प्रति नाराजगी है, और सरकार अब इस धारणा को बदलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और छात्र आंदोलनों से निपटने के तरीके को लेकर भी सरकार से जवाबदेही की मांग की।
इनपुट: IANS



