मिड-डे मील के नाम पर बच्चों के साथ धोखा, दूध में मिलाया जा रहा पानी

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मिड-डे मील के नाम पर बच्चों के साथ धोखा, दूध में मिलाया जा रहा पानी

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के प्राइमरी स्कूल में लगातार मिड-डे मील के मामले सामने आ रहें है. यहां चोपन ब्लॉक के सलईबनवा प्राथमिक स्कूल में बुधवार को एक लीटर दूध में एक बाल्टी पानी मिलाया गया. जिसके बाद उसे 80 बच्चों में बांटा गया.

जैसे ही यह खबर सामने आई, तो इस पर विवाद हो गया. विवाद होने के कारण ही प्रशासन एक्शन में आया है. इस मामले में शिक्षामित्र को बर्खास्त और टीचर को निलंबित कर दिया है. सोनभद्र के सलईबनवा प्राथमिक स्कूल में बुधवार को मिड डे मील के मेन्यू के मुताबिक बच्चों को खाना दिया गया है.

जिसके बाद दूध भी बांटा जाना था. इस बात का पता स्कूल की रसोईया से पता चला कि उसे एक ही लीटर दूध उपलब्ध कराया गया था जिसके बाद उसने उस एक लीटर दूध में एक बाल्टी पानी मिलाकर 80 बच्चों में बांट दिया था.

इस मामले के सामने आने के बाद जांच करने पहुंची एबीएसए मुकेश कुमार ने बताया कि बाद में भूल को सुधारते हुए, बच्चों में दोबारा से दूध बांटा गया था. इसके साथ ही प्राथमिक टीचर को सस्पेंड कर दिया गया है. इस मामले में अब खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है.

सोनभद्र से यह खबर फैलने के बाद इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मसले पर राज्य सरकार को घेरा है. अखिलेश ने ट्वीट किया, ‘दिखावटी भाजपा सरकार, मिलावटी पोषण-आहार!’

केवल अखिलेश ही नहीं इसके अलावा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने भी इस मामले को लेकर ट्वीट कर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया. जिन्होंने लिखा है कि मिड-डे मील में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचारी यूपी को बताया था. आज सोनभद्र की ये घटना इसकी तस्दीक कर रही है. सीएम लाख दावे कर लें, लेकिन सरकार नहीं संभल रही है और दिन पर दिन भ्रष्टाचार बढ़ता ही जा रहा है. इतना होने के बाद भी सीएम मूकदर्शक हैं.

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ऐसा नहीं है कि उत्तर प्रदेश से यह एक मामला सामने आया है इससे पहले भी कई ऐसे ही इसी से संबंधित मामले सामने आए है. यही नहीं यूपी में हो रहें लगातार अपराध को लेकर भी कम नहीं हो रहे है.