छत्तीसगढ़ PSC घोटाला: पूर्व CM के OSD रहे चेतन बोरघरिया गिरफ्तार, 6 दिन की ED रिमांड पर भेजे गए
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ED ने तत्कालीन मुख्यमंत्री…
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ED ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) रहे चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें रायपुर की एक विशेष अदालत ने छह दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया है।
फिलहाल बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अतिरिक्त कलेक्टर के पद पर तैनात बोरघरिया को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत शुक्रवार (11 सितंबर) को गिरफ्तार किया गया। यह मामला CGPSC द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2020 और 2021 में हुई कथित धांधली से जुड़ा है।
घोटाले का नेटवर्क और रिश्वत का आरोप
ईडी की जांच रायपुर में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) द्वारा दर्ज एक FIR पर आधारित है, जिसे बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथ में ले लिया था। जांच एजेंसी का दावा है कि उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने मिलकर कई अभ्यर्थियों से तीन करोड़ रुपये से ज़्यादा की अवैध रिश्वत ली थी।
आरोप है कि इन लोगों ने तत्कालीन सीएमओ में अपनी पहुंच और प्रभाव का इस्तेमाल कर उम्मीदवारों को परीक्षा में चयन सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया था। इसके बदले उन्हें परीक्षा के प्रश्नपत्र पहले ही मुहैया कराने का वादा किया गया। ईडी की जांच के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क में चेतन बोरघरिया के नाम और पद का भी कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया था।
लीक प्रश्नपत्र और बैंक खातों में नकदी
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा से पहले रायपुर के एक मैरिज पैलेस में इकट्ठा किया गया, जहां उन्हें लीक हुआ प्रश्नपत्र बांटा गया। इसके बाद मुख्य परीक्षा के लिए उन्हें बरनवापारा सैंक्चुरी रिसॉर्ट में ठहराकर विशेष कोचिंग दी गई।
वित्तीय जांच में अहम सुराग: ईडी ने पाया कि संबंधित अवधि के दौरान चेतन बोरघरिया के बैंक खाते में 170 अलग-अलग लेन-देन के माध्यम से 66.64 लाख रुपये नकद जमा किए गए थे। एजेंसी को बोरघरिया और एक अन्य आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के बीच कई वित्तीय लेन-देन के सबूत भी मिले हैं। एक सितंबर को बोरघरिया के ठिकानों पर तलाशी के दौरान जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच में पैसों के लेन-देन से जुड़े संदेश भी मिले हैं। ईडी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।
इनपुट: IANS



