कोरबा: हसदेव नदी में उफान, निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले में हसदेव नदी का जलस्तर ख़तरनाक ढंग से बढ़ गया है, जिससे नदी के किनारे बसे कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक…
छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले में हसदेव नदी का जलस्तर ख़तरनाक ढंग से बढ़ गया है, जिससे नदी के किनारे बसे कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश और जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी के कारण यह संकट गहराया है। कोरबा के सीतामणि क्षेत्र में कई घरों में पानी घुस जाने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। लोगों को सतर्क रहने और नदी व जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करने की अपील की गई है।
जलाशयों से छोड़ा गया हज़ारों क्यूसेक पानी
हसदेव नदी के जलस्तर में इस वृद्धि का मुख्य कारण बांगो डैम और दर्री बराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जाना है। बताया जा रहा है कि अकेले बांगो डैम से ही करीब 41,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा दर्री बराज के गेट भी खोले गए हैं, जिससे नदी के निचले प्रवाह में पानी का दबाव और बढ़ गया है। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।
मौसम विभाग ने बताई वजह
इस बीच, मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बना एक कम दबाव का क्षेत्र अब 'डिप्रेशन' (कम दबाव के गहरे क्षेत्र) में तब्दील हो गया है। 17 अगस्त की सुबह यह डिप्रेशन तटीय पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों पर केंद्रित था। विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में इसके पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों से होते हुए झारखंड की ओर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की प्रबल संभावना है, जिससे बारिश का दौर जारी रह सकता है।
इनपुट: IANS



