सोमवार, 17 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

कांगो में इबोला का अब तक का सबसे जानलेवा हमला, 2300 से ज़्यादा मौतें

अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) इबोला वायरस के अपने इतिहास के सबसे भयावह प्रकोप का सामना कर रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस बार संक्रमण से मरने वालों की संख्या 2,300 के पार…

कांगो में इबोला का अब तक का सबसे जानलेवा हमला, 2300 से ज़्यादा मौतें
(फोटो: IANS)

अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) इबोला वायरस के अपने इतिहास के सबसे भयावह प्रकोप का सामना कर रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस बार संक्रमण से मरने वालों की संख्या 2,300 के पार जा चुकी है, जो 2018-20 के संकट से भी ज़्यादा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उस पिछले प्रकोप में 2,299 लोगों की जान गई थी, जिसे अब तक का सबसे घातक माना जाता था।

विज्ञापन

यह मौजूदा संकट तेज़ी से देश के कई प्रांतों में फैल रहा है, जिनमें इतुरी प्रांत सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। यहाँ की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही गंभीर दबाव में है। इबोला एक अत्यंत संक्रामक वायरल बीमारी है जो संक्रमित व्यक्ति के रक्त या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क में आने से फैलती है।

संक्रमण की कड़ी का टूटना और नई चुनौतियां

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और स्थानीय अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि बड़ी संख्या में नए संक्रमित लोगों का पहले से निगरानी में रखे गए मरीज़ों से कोई सीधा संपर्क नहीं मिल पा रहा है। इससे संक्रमण की श्रृंखला (chain of infection) का पता लगाना बेहद मुश्किल हो गया है, जिससे बीमारी के अनजान स्रोतों से फैलने का खतरा बढ़ गया है।

इस प्रकोप में वायरस का 'बुंडिबुग्यो स्ट्रेन' पाया गया है, जिसके खिलाफ फिलहाल कोई व्यापक रूप से स्वीकृत विशिष्ट टीका या उपचार उपलब्ध नहीं है। हालांकि, वैज्ञानिक इस दिशा में काम कर रहे हैं।

संघर्ष और कमजोर स्वास्थ्य ढांचा

कांगो में पहले से जारी संघर्ष, लोगों के विस्थापन, कमजोर स्वास्थ्य ढांचे और प्रभावित इलाकों में इलाज की सीमित पहुंच ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। विस्थापन के कारण संक्रमण के नए क्षेत्रों में फैलने का जोखिम भी बना हुआ है। बीमारी की देर से पहचान और इलाज तक पहुंच में देरी के कारण मृत्यु दर में वृद्धि हो रही है। इस संकट ने अफ्रीका में संक्रामक रोगों से निपटने की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →