सोमवार, 17 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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ईरान-अमेरिका शांति समझौता: राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन बोले - 'सम्मान और ताकत' से आगे बढ़े

ईरान ने अमेरिका के साथ हाल में हुए शांति समझौते को 'सम्मान' और 'ताकत' के साथ आगे बढ़ाने की बात कही है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि यह समझौता पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई द्वारा…

ईरान-अमेरिका शांति समझौता: राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन बोले - 'सम्मान और ताकत' से आगे बढ़े
(फोटो: IANS)

ईरान ने अमेरिका के साथ हाल में हुए शांति समझौते को 'सम्मान' और 'ताकत' के साथ आगे बढ़ाने की बात कही है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि यह समझौता पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई द्वारा बताए गए सिद्धांतों को ध्यान में रखकर किया गया है।

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समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने रविवार को शिक्षा मंत्री अलीरेजा काजेमी की मौजूदगी में हुई एक बैठक में यह बयान दिया। अपने कार्यालय द्वारा जारी बयान में उन्होंने 18 जून को ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) का बचाव किया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में युद्ध को समाप्त करना था।

समझौते की पृष्ठभूमि और समर्थन

राष्ट्रपति ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरान ने दुश्मनों के सामने घुटने नहीं टेके हैं। उन्होंने कहा, "हमने हालिया समझौते को मजबूती से आगे बढ़ाया... यह एमओयू विशेषज्ञों के साथ सोच-समझकर और विस्तार से चर्चा करने के बाद तैयार किया गया था।"

ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, शनिवार को ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने भी इस शांति एमओयू को "ईरान की शान और जीत" का सबूत बताया था। उन्होंने इसे कूटनीति के क्षेत्र में देश की जीत को मजबूत करने वाला एक कदम करार दिया।

समझौते का भविष्य और अमेरिकी पक्ष

समझौते की शर्तों के तहत, ईरान और अमेरिका को 60 दिनों के भीतर बातचीत करके किसी अंतिम निर्णय पर पहुँचना था, जिसकी अवधि सोमवार को समाप्त हो रही थी। हालांकि, हाल के हफ्तों में दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के कारण बातचीत का भविष्य अनिश्चित हो गया है।

इसी बीच, अमेरिकी डेमोक्रेटिक सीनेटर रूबेन गैलेगो ने रविवार को ईरान के साथ युद्ध को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की आलोचना की। इराक युद्ध के अनुभवी गैलेगो ने कहा कि प्रशासन बिना किसी स्पष्ट योजना, बाहर निकलने की रणनीति या तय मिशन के इस युद्ध में शामिल हुआ, जिसका खामियाजा अमेरिकी सैनिकों को भुगतना पड़ा।

एरिज़ोना के सीनेटर ने ABC न्यूज़ से कहा, "इस प्रशासन ने इस युद्ध के लिए कोई योजना नहीं बनाई थी।" उन्होंने यह भी कहा कि इस संघर्ष ने पेंटागन की योजना और नेतृत्व में गंभीर कमियों को उजागर किया है।

इनपुट: IANS

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