अरुणाचल सीमा पर चीनी घुसपैठ? ओवैसी ने सरकार से पूछे तीखे सवाल, मांगा स्पष्टीकरण
हैदराबाद से सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास चीनी गतिविधियों को लेकर केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म…
हैदराबाद से सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास चीनी गतिविधियों को लेकर केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्होंने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए सीमा पर वास्तविक स्थिति को लेकर कई गंभीर प्रश्न पूछे हैं।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ओवैसी ने जानना चाहा है कि क्या चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने भारतीय सेना के गश्ती दलों को उन क्षेत्रों में जाने से रोका है, जहां वे पहले नियमित रूप से गश्त करते थे। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या चीन ने भारतीय सैनिकों द्वारा बनाए गए किसी अस्थायी ढांचे को नष्ट कर दिया है।
सरकार से पूछे गए अहम सवाल
ओवैसी ने सरकार को घेरते हुए पूछा, "क्या चीन ने उन क्षेत्रों में टेंट लगाए हैं, जहां पहले भारतीय पेट्रोलिंग टीम जाती थी और जो भारत के क्षेत्र में आते हैं?" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से अब तक दी गई जानकारी "अपर्याप्त और अस्पष्ट" है। उनका कहना है कि सरकार की लगातार चुप्पी के कारण वह सीमा की स्थिति पर अपने सवाल दोहराने को मजबूर हैं।
चीन के राष्ट्रपति के दौरे पर निशाना
AIMIM प्रमुख ने अगले महीने होने वाले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नई दिल्ली दौरे को भी इन घटनाओं से जोड़ा। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "एक तरफ सीमा पर यह सब हो रहा है, हम अगले महीने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को नई दिल्ली आने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। क्या चीनी सैनिकों से डील करने की यह हमारी नीति है, जो हमारे इलाके में टेंट गाड़ रहे हैं और हमारे गश्त को रोक रहे हैं?"
ओवैसी ने यह भी सवाल किया कि क्या भारत ने द्विपक्षीय संबंधों को 'सामान्य' बनाने के लिए बीजिंग द्वारा रखी गई सभी शर्तों को स्वीकार कर लिया है। उनके इन सवालों ने अरुणाचल सीमा पर कथित चीनी गतिविधियों और भारतीय गश्त से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
इनपुट: IANS



