झारखंड: छात्रों के आंदोलन का 24वां दिन, भर्ती परीक्षाओं पर गतिरोध तोड़ने के लिए सरकार से आज फिर होगी बातचीत
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन 24वें दिन भी जारी है। इस लंबे गतिरोध को खत्म करने के लिए राज्य सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच सोमवार को एक बार फिर अहम…
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन 24वें दिन भी जारी है। इस लंबे गतिरोध को खत्म करने के लिए राज्य सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच सोमवार को एक बार फिर अहम बैठक होने जा रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह वार्ता दोपहर दो बजे रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में होगी, जिसमें सरकार की ओर से चार मंत्रियों का एक समूह छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मिलेगा।
छात्रों का प्रतिनिधित्व 'जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच' कर रहा है, जिसे सरकार ने अपने कानूनी सलाहकारों के साथ बैठक में शामिल होने की अनुमति दी है। यह बातचीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पिछली कई दौर की बैठकें बेनतीजा रही हैं और छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है।
प्रमुख मांगें और सरकार का पक्ष
आंदोलनकारी छात्र दो प्रमुख मांगों पर अड़े हुए हैं: पहला, जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द किया जाए और दूसरा, जेपीएससी-जेएसएससी की सभी भर्ती परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की सीबीआई से जांच कराई जाए। सरकार का कहना है कि 2024 में हुई जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के आधार पर 2,000 से ज्यादा नियुक्तियां हो चुकी हैं, इसलिए इसे रद्द करना व्यावहारिक रूप से कठिन है।
सीबीआई जांच की मांग पर भी सहमति नहीं बन पाई है। छात्र मौजूदा सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं कर रहे हैं, जबकि सरकार ने विकल्प के तौर पर एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्च-स्तरीय समिति बनाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे छात्रों ने खारिज कर दिया है।
बातचीत से पहले छात्रों का प्रदर्शन
सोमवार की इस बैठक से ठीक एक दिन पहले, रविवार शाम को छात्रों ने रांची में एक विरोध मार्च निकाला। यह मार्च जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव के पुतले फूंके। इस दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
हालांकि, पिछली वार्ताओं में कुछ छोटी मांगों पर सहमति बनी थी, जिसमें सरकार ने 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और बैकलॉग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की घोषणा की थी। अब सभी की निगाहें सोमवार की बैठक पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि क्या साढ़े तीन सप्ताह से चल रहा यह आंदोलन समाप्त होगा या और तेज होगा।
इनपुट: IANS



