शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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JPSC नियुक्ति रद्द पर हाईकोर्ट की रोक: झारखंड सरकार के फैसले पर उठे सवाल, राजनीतिक बयानबाजी तेज

झारखंड में 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर झारखंड हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इस रोक के बाद जहाँ नियुक्त हो चुके अभ्यर्थियों को राहत मिली है, वहीं…

JPSC नियुक्ति रद्द पर हाईकोर्ट की रोक: झारखंड सरकार के फैसले पर उठे सवाल, राजनीतिक बयानबाजी तेज
(फोटो: IANS)

झारखंड में 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर झारखंड हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इस रोक के बाद जहाँ नियुक्त हो चुके अभ्यर्थियों को राहत मिली है, वहीं छात्र संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने शुक्रवार को इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "छात्र आंदोलन के डर से झारखंड सरकार को छात्रों के पक्ष में फैसला लेना पड़ा और हाई कोर्ट ने उस आदेश को रद्द कर दिया। ऐसा लगता है कि हाईकोर्ट को लगा कि यह फैसला छात्रों के हित में नहीं था, इसलिए उसने इसे रद्द कर दिया।"

सरकार का बचाव और विपक्ष की प्रतिक्रिया

इस बीच, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने सरकार के कदम का बचाव किया है। छात्रों द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतले जलाने की घोषणा पर JMM प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा, "यह लोकतंत्र है। उन्हें विरोध और आंदोलन करने की आजादी है लेकिन उन्हें समझदारी से काम लेना चाहिए।" उन्होंने दावा किया कि सरकार ने जो बेहतर था, वो किया। पांडे ने कहा, "भाजपा शासित राज्यों में भी पेपर लीक हुए लेकिन झारखंड सरकार ने जो फैसला लिया वैसा किसी भी राज्य में नहीं किया गया।" साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि कोर्ट के आदेश पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।

वहीं, बिहार सरकार के एक अन्य मंत्री अशोक चौधरी ने इस मामले को पूरी तरह से कानूनी बताया। उन्होंने कहा, "यह एक कानूनी मामला है। हम कानूनी मामले पर क्या टिप्पणी कर सकते हैं? इसमें दम है या नहीं, हाईकोर्ट खुद ही कानूनी पहलुओं पर विचार करेगा।"

छात्रों ने लगाया धोखे का आरोप

गुरुवार को हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद छात्र नेता प्रकाश ने झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने अदालत में सुनवाई के दौरान परीक्षा रद्द करने के अपने ही फैसले का बचाव तक नहीं किया। प्रकाश ने इसे छात्रों के साथ एक बड़ा धोखा बताया है।

गौरतलब है कि झारखंड सरकार ने कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद इन JPSC परीक्षाओं से हुई नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया था। इस फैसले का छात्रों के एक वर्ग ने स्वागत किया था, जबकि दूसरा वर्ग जो नियुक्त हो चुका था, वह इसके खिलाफ था। अब हाईकोर्ट के स्टे ने इस मामले को और भी जटिल बना दिया है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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