वैश्विक सुस्ती के बीच चीन की अर्थव्यवस्था ने दिखाई 4.7% की छमाही वृद्धि, IMF ने भी बढ़ाया अनुमान
चीन ने साल की पहली छमाही के आर्थिक आंकड़े जारी कर दिए हैं, जिन्होंने धीमी पड़ती वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच एक सकारात्मक तस्वीर पेश की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इन आंकड़ों ने अंतरराष्ट्रीय…
चीन ने साल की पहली छमाही के आर्थिक आंकड़े जारी कर दिए हैं, जिन्होंने धीमी पड़ती वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच एक सकारात्मक तस्वीर पेश की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इन आंकड़ों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) जैसी संस्थाओं की चीन के प्रति सकारात्मक उम्मीदों की भी पुष्टि की है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस साल के पहले छह महीनों में चीन का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 69.57 ट्रिलियन युआन रहा। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 4.7 प्रतिशत की वृद्धि है, जो दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज विकास दर में से एक है। इस प्रदर्शन को सुस्त वैश्विक अर्थव्यवस्था में विश्वास बढ़ाने वाले एक महत्वपूर्ण कारक के तौर पर देखा जा रहा है।
स्थिरता और वृद्धि के प्रमुख संकेतक
आर्थिक रिपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत ‘स्थिरता’ बताई गई है। चीन की कुल अर्थव्यवस्था का आकार 140 ट्रिलियन युआन है और ऐसे में 4.7% की वृद्धि दर को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, पहली छमाही में GDP में 3.6 ट्रिलियन युआन की वृद्धि हुई, जो पिछले पांच वर्षों में इस अवधि के दौरान हुई सबसे अधिक वृद्धि है। औद्योगिक विकास, रोजगार और कीमतें भी आम तौर पर स्थिर रहीं।
यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब IMF ने वैश्विक विकास दर का अनुमान घटाकर 3 प्रतिशत कर दिया है, लेकिन चीन के लिए अपने विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 4.6 प्रतिशत कर दिया है।
व्यापार और नवाचार से मिली मजबूती
चीन के खुले बाजार ने भी आर्थिक आंकड़ों को सहारा दिया है। वैश्विक व्यापार में मंदी के बावजूद, साल की पहली छमाही में चीन के आयात और निर्यात में 16.9% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान आयात पहली बार 10 ट्रिलियन युआन के पार चला गया, जिससे चीन लगातार 17वें साल दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आयात बाजार बना रहा।
इसके अलावा, नए विकास कारकों ने आर्थिक विकास में 40% से अधिक का योगदान दिया। उच्च-तकनीकी विनिर्माण की विकास दर औसत औद्योगिक स्तर से काफी आगे रही। विदेशी मीडिया के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि 'चीनी नवाचार विश्व के लिए एक अवसर है, न कि कोई झटका।' कई बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ चीन को अपना प्रमुख निवेश गंतव्य मान रही हैं।
इनपुट: IANS



