अमेरिकी छात्र वीज़ा नियमों में बड़ा बदलाव: अब अधिकतम 4 साल रह सकेंगे विदेशी छात्र, दशकों पुरानी व्यवस्था खत्म
अमेरिका में पढ़ाई कर रहे या जाने की योजना बना रहे विदेशी छात्रों और एक्सचेंज विजिटर्स के लिए वीज़ा नियमों में एक बड़ा बदलाव किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने उस द
अमेरिका में पढ़ाई कर रहे या जाने की योजना बना रहे विदेशी छात्रों और एक्सचेंज विजिटर्स के लिए वीज़ा नियमों में एक बड़ा बदलाव किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने उस दशकों पुरानी व्यवस्था को खत्म कर दिया है, जिसके तहत कई विदेशी छात्र अमेरिका में बिना किसी निश्चित अंतिम तारीख के रह सकते थे। गुरुवार को जारी नए अंतिम नियम के तहत अब उनके रहने की अवधि अधिकतम चार साल तक सीमित कर दी गई है।
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) द्वारा जारी इस नियम का मुख्य उद्देश्य इमिग्रेशन प्रणाली में सुधार लाना, वीज़ा के दुरुपयोग को रोकना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है। इस बदलाव से भारत जैसे देशों के छात्र भी प्रभावित होंगे, जो बड़ी संख्या में अमेरिकी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने जाते हैं।
क्या है 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' व्यवस्था का अंत?
अब तक गैर-आप्रवासी वीज़ा की 'F' (छात्र), 'J' (एक्सचेंज विजिटर) और 'I' (विदेशी मीडिया प्रतिनिधि) श्रेणियों के लिए 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' की व्यवस्था लागू थी। इसके तहत लोगों को तब तक रहने की अनुमति थी, जब तक वे अपने कार्यक्रम या पढ़ाई में नामांकित रहते थे। DHS के अनुसार, 1978 से चली आ रही इस प्रणाली का कुछ लोग लगातार नए कोर्स में दाखिला लेकर गलत फायदा उठाते थे।
DHS सचिव मार्कवेन मुलिन ने कहा, "लगभग आधी सदी से चली आ रही 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' व्यवस्था ने राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर किया और इमिग्रेशन धोखाधड़ी के लिए रास्ते खोले।" उन्होंने आगे कहा, "इन वीजा के लिए साफ और तय समय सीमा लागू करके अमेरिका यह सुनिश्चित कर रहा है कि लोगों की सही तरीके से जांच हो, उनकी निगरानी की जा सके और वे अपने मुख्य उद्देश्य यानी पढ़ाई पूरी करने पर ध्यान दें और फिर अपने देश लौटें।"
वीज़ा अवधि बढ़ाने की नई प्रक्रिया
नए नियमों के तहत, यदि किसी छात्र को अपना कोर्स पूरा करने के लिए चार साल से अधिक समय की आवश्यकता होती है, तो उसे सीधे अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन सेवा (USCIS) में आवेदन करना होगा। यह अधिकार अब शिक्षण संस्थानों के पास नहीं, बल्कि संघीय सरकार के पास होगा। DHS ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में बायोमेट्रिक जांच, बैकग्राउंड चेक और धोखाधड़ी की जांच भी शामिल होगी।
इसके अलावा, पढ़ाई पूरी होने के बाद अमेरिका छोड़ने के लिए मिलने वाली छूट की अवधि (Grace Period) भी 60 दिनों से घटाकर 30 दिन कर दी गई है। यह नया नियम फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित होने के 60 दिन बाद लागू हो जाएगा। जो छात्र पहले से ही 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' के तहत अमेरिका में हैं, उन पर भी यह नियम लागू होगा और उनकी रहने की अवधि नियम लागू होने की तारीख से अधिकतम चार साल तक सीमित हो जाएगी।
इनपुट: IANS



