चंडीगढ़ GMCH: बोनाफाइड सर्टिफिकेट विवाद के बाद हाईकोर्ट ने SC कोटे की MBBS काउंसलिंग पर लगाई रोक
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) में अनुसूचित जाति (SC) कोटे के तहत चल रही MBBS दाखिला काउंसलिंग पर रोक लगा दी है। यह फैसला बोनाफाइड और माइग्रेंट…
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) में अनुसूचित जाति (SC) कोटे के तहत चल रही MBBS दाखिला काउंसलिंग पर रोक लगा दी है। यह फैसला बोनाफाइड और माइग्रेंट सर्टिफिकेट को लेकर उठे विवाद के बाद आया है, जिसमें कुछ छात्रों को SC श्रेणी से हटाकर सामान्य श्रेणी में डाल दिया गया था।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब SC श्रेणी के कुछ उम्मीदवारों के सर्टिफिकेट को 'बोनाफाइड' (मूल निवासी) की जगह 'माइग्रेंट' (प्रवासी) बताकर उन्हें सामान्य श्रेणी में रखने की बात कही गई। याचिकाकर्ता के वकील प्रदीप शर्मा ने आरोप लगाया कि GMCH ने दाखिला प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों में बदलाव किया है, जो कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ है।
क्या है पूरा विवाद?
वकील प्रदीप शर्मा ने बताया कि नीट यूजी 2024 की काउंसलिंग लिस्ट जारी होने के बाद छात्रों ने विभिन्न मेडिकल संस्थानों में आवेदन किया था। चंडीगढ़ GMCH ने 8 अगस्त 2024 को एक नोटिफिकेशन जारी कर आवेदन और दस्तावेज जमा करने के लिए कहा। इसके बाद जारी कट-ऑफ लिस्ट में कुछ SC उम्मीदवारों के नाम के आगे लिखा गया कि उनका सर्टिफिकेट माइग्रेंट है, इसलिए उन्हें सामान्य श्रेणी में माना जाएगा।
शर्मा ने कहा, "जो ओबीसी और एससी उम्मीदवार हैं, उन्होंने अपनी कैटेगरी के अंदर अप्लाई किया था। ओबीसी और एससी में ही उन्होंने अपना टेस्ट भी पास किया था।" उन्होंने तर्क दिया कि इन छात्रों ने भारत सरकार की अगस्त 2023 की नोटिफिकेशन के आधार पर संबंधित प्राधिकरण से अपना जाति प्रमाण पत्र बनवाया था, जिसमें इन जातियों को SC या OBC के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।
अदालत का फैसला और आगे की स्थिति
वकील प्रदीप शर्मा ने कोर्ट में दलील दी, "एक बार अगर प्रक्रिया शुरू हो गई, तो नियम बीच में नहीं बदले जा सकते हैं।" इसी तर्क के आधार पर हाईकोर्ट ने फिलहाल SC कोटे की काउंसलिंग पर रोक लगा दी है। हालांकि, कोर्ट ने सामान्य श्रेणी की काउंसलिंग जारी रखने की अनुमति दी है। मामले में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से जुड़ा एक मामला अभी भी लंबित है।
इनपुट: IANS



