चमोली: निर्माणाधीन टनल में फंसे 19 लोग निकाले गए, 3 की तलाश में रातभर चला बचाव अभियान
उत्तराखंड के चमोली जिले में भूस्खलन के कारण एक निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भर जाने से बड़ा हादसा हो गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पीपलकोटी के मायापुर में स्थित टीएचडीसी की इस…
उत्तराखंड के चमोली जिले में भूस्खलन के कारण एक निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भर जाने से बड़ा हादसा हो गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पीपलकोटी के मायापुर में स्थित टीएचडीसी की इस सुरंग में 22 लोग फंस गए थे, जिनमें से 19 को रात भर चले गहन बचाव अभियान के बाद बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि, अभी भी 3 लोगों की तलाश जारी है।
यह घटना टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की करीब 3 किलोमीटर लंबी टीआरटी टनल में हुई। सुरंग के लगभग डेढ़ किलोमीटर अंदर भूधंसाव होने से मलबा और पानी भर गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर फंस गए। इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
बचाव कार्य और घायलों की स्थिति
जिलाधिकारी गौरव कुमार खुद मौके पर मौजूद रहकर राहत और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और पुलिस की टीमें टनल के अंदर की मुश्किल परिस्थितियों से जूझते हुए फंसे हुए लोगों को निकालने में जुटी हैं। बचाए गए घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
गोपेश्वर जिला अस्पताल के डॉक्टर आयुष ने बताया, "अब तक टीएचडीसी से कुल 19 लोगों को हमारे पास लाया गया था। इनमें से 7 लोगों को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 13 लोग अभी भर्ती हैं और उनकी हालत काफी हद तक स्थिर है।"
चुनौतीपूर्ण रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
बचाव अभियान की मुश्किलों पर एनडीआरएफ के टीम कमांडर अमृत लाल मीणा ने जानकारी दी। उन्होंने कहा, "हमें शाम 7.15 बजे जानकारी मिली, हम रात 8.45 बजे यहां पहुंचे और 8.55 बजे ऑपरेशन शुरू किया।" उन्होंने बताया कि उनकी 6 सदस्यों वाली क्विक रिस्पॉन्स टीम जब सुरंग में घुसी तो पानी का स्तर छाती से ऊपर था। उनकी टीम ने चार शवों को बाहर निकाला। जिलाधिकारी ने शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।
इनपुट: IANS



