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क्या राष्ट्रगान किसी राजनीतिक पार्टी के ध्वज के सम्मुख या सम्मान में गाया जा सकता है?

https://www.youtube.com/watch?v=1IvmXXEuKY0 भारत का राष्ट्रगान देश की आन-बान और शान का प्रतीक है. भारतीय राष्ट्रगान की रचना रविंद्र नाथ टैगोर जी ने की थी.

क्या राष्ट्रगान किसी राजनीतिक पार्टी के ध्वज के सम्मुख या सम्मान में गाया जा सकता है?
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भारत का राष्ट्रगान देश की आन-बान और शान का प्रतीक है. भारतीय राष्ट्रगान की रचना रविंद्र नाथ टैगोर जी ने की थी. 24 जनवरी, 1950 को भारत सरकार के द्वारा इस गीत को राष्ट्रगान के तौर पर स्वीकार किया गया. इसके गाने की अवधि 52 सेकेण्ड़ निर्धारित की गई है. लेकिन कई लोगों के मन में सवाल होता है कि  क्या राष्ट्रगान किसी राजनीतिक पार्टी के ध्वज के सम्मुख या सम्मान में गाया जा सकता है या नहीं ? आज इसका जवाब जानते हैं.

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राष्ट्रगान

क्या राष्ट्रगान किसी राजनीतिक पार्टी के ध्वज के सम्मुख गाया जा सकता है –

राष्ट्रगान देश के सम्मान का प्रतीक होता है. इसे कभी भी किसी राजनीतिक पार्टी के ध्वज के सम्मुख या सम्मान में नहीं गाया जा सकता है. अगर ऐसा किया जाता है कि राष्ट्रगान को किसी राजनीतिक पार्टी के ध्वज के सम्मान में गाया जाता है, तो यह राष्ट्रगान का अमपान होता है. राष्ट्रगान का अपमान करना कानूनी तौर पर अपराध होता है. राष्ट्रगान के संदर्भ में “प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971” में नियम बनाए गए हैं. इसके अनुसार राष्ट्रगान का अपमान करने पर तीन साल तक की कैद या जुर्माना हो सकता है.

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राष्ट्रगान

इसी एक्ट के सेक्शन 3 के मुताबिक, जान-बूझ कर किसी को राष्ट्रगान गाने से रोकने या गा रहे समूह को बाधा पहुंचाने पर तीन साल तक की कैद की सजा हो सकती है या जुर्माना भरना पड़ सकता है. इसके साथ ही ये दोनों भी हो सकते हैं.

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राष्ट्रगान से संबंधित सामान्य नियम-

राष्ट्रगान जब गाया अथवा बजाया जा रहा हो तब हमेशा सावधान की मुद्रा में खड़े रहना चाहिए. 2. राष्ट्रगान का उच्चारण सही होना चाहिए तथा इसे 52 सेकेंड की अवधि में ही गाया जाना चाहिए. राष्ट्रगान को संक्षिप्त रूप में भी गाया जाता है. जिसके लिए 20 सेकेंड का समय निर्धारित किया गया है. 3. राष्ट्रगान जब गाया जा रहा हो तो उस समय अशांति, शोर-गुल अथवा अन्य गानों तथा संगीत की आवाज नही होनी चाहिए. 4. राष्ट्रगान के प्रचार के लिए शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रगान होने के बाद दिन की शुरुआत करनी चाहिए 5. राष्ट्रगान के लिए कभी अशोभनीय शब्दों का उपयोग नही करना चाहिए. राष्ट्रगान का अपमान देश का अपमान माना जाता है.

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KJ

Kapil Jakhar

कपिल जाखड़ News4Social के कंटेंट राइटर हैं। वे समसामयिक घटनाक्रम, फ़ीचर और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में प्रस्तुत करने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

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