ब्रिक्स न्यायिक मंच पर ईरान ने उठाया अमेरिका-इज़राइल का मुद्दा, 'निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था' की वकालत
ईरान के मुख्य न्यायाधीश ने ब्रिक्स देशों के न्यायिक मंच पर एक ऐसी निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की स्थापना पर ज़ोर दिया है, जहाँ किसी भी देश को कानून से ऊपर न समझा जाए। समाचार एजेंसी IANS की…
ईरान के मुख्य न्यायाधीश ने ब्रिक्स देशों के न्यायिक मंच पर एक ऐसी निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की स्थापना पर ज़ोर दिया है, जहाँ किसी भी देश को कानून से ऊपर न समझा जाए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स चीफ जस्टिस फोरम में ईरान के मुख्य न्यायाधीश गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई ने सदस्य देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून के शासन को मजबूत करने का आग्रह किया।
शनिवार को फोरम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए, एजेई ने इस आयोजन की मेजबानी के लिए भारत सरकार और भारतीय न्यायपालिका का धन्यवाद किया। उनके विचारों को नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास द्वारा साझा किया गया। उन्होंने कहा, "दुनिया को ऐसे निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की जरूरत है, जिसमें सभी देशों को समान माना जाए और उनकी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान हो।"
अमेरिका और इज़राइल पर निशाना
अपने संबोधन में ईरानी न्यायपालिका के प्रमुख ने अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इन कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन और गैरकानूनी करार दिया। एजेई ने दावा किया, "हमले के पहले ही दिन मिनाब के एक स्कूल में 168 स्कूली बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोग मारे गए। अस्पतालों, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों, रिहायशी इलाकों और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले किए गए जो निंदनीय है।"
उन्होंने इन घटनाओं को युद्ध अपराध का एक स्पष्ट उदाहरण बताया। एजेई ने चेतावनी दी कि अगर अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन पर जवाबदेही तय नहीं हुई, तो भविष्य में कोई भी देश खुद को सुरक्षित नहीं मान सकता।
ब्रिक्स से एकजुटता की अपील
ईरानी मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उभरती वैश्विक व्यवस्था को आकार देने में ब्रिक्स एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा, "मैं ब्रिक्स से कानून के पक्ष में एकजुट होकर खड़े होने की अपील करता हूं।" उन्होंने सदस्य देशों से आग्रह किया कि वे ईरान की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा करें और भविष्य में ऐसी कथित आक्रामक कार्रवाइयों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं।
एजेई ने यह भी अपील की कि ब्रिक्स देश सार्वभौमिक अधिकार क्षेत्र के सिद्धांत का उपयोग कर ईरान के खिलाफ युद्धों के दौरान हुए कथित युद्ध अपराधों और मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा चलाएं।
इनपुट: IANS



