Bihar News: सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का सिविल सर्जन ने किया निरीक्षण, व्यवस्था देख स्टाफ को लगाई फटकार h3>
समस्तीपुर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का सिविल सर्जन डॉ राजीव कुमार ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वार्ड में भर्ती मरीजों से इलाज और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी ली। इस दौरान कई मरीजों ने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर शिकायत की, जिस पर सिविल सर्जन ने ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को फटकार लगाई।
गार्ड को दिया आदेश
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने इमरजेंसी वार्ड में तैनात गार्ड को भी सख्त निर्देश दिए कि मरीजों के अलावा कोई भी बाहरी व्यक्ति वार्ड में नहीं रहेगा। उन्होंने महिला और पुरुष वार्ड में भर्ती मरीजों से भी चिकित्सा व्यवस्था की जानकारी ली और मौके पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
ड्यूटी रोस्टर में बदलाव
सिविल सर्जन ने ड्यूटी रोस्टर में बदलाव की बात भी कही। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर उत्कर्ष कुमार से इलाज व्यवस्था को लेकर पूछताछ करते हुए कहा कि डॉक्टरों को अपनी ड्यूटी के दौरान कम से कम तीन बार वार्ड का राउंड लगाकर मरीजों की स्थिति की जानकारी लेनी होगी।
मरीजों की सुनी शिकायतें
निरीक्षण के दौरान कुछ मरीजों ने ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की कमी की शिकायत भी की। इस पर सिविल सर्जन ने कहा कि उनका हाल ही में यहां पदस्थापन हुआ है और जल्द ही इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अस्पताल में स्टाफ की कमी को भी जल्द दूर किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल इमरजेंसी वार्ड में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी से फार्मासिस्ट का काम लिया जा रहा है, लेकिन जल्द ही यहां नियमित फार्मासिस्ट की तैनाती की जाएगी ताकि मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके।
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सर्जन ने की बैठक
सिविल सर्जन ने सदर अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डॉक्टरों, गार्ड, कमांडरों और सफाई कर्मियों के साथ बैठक भी की और सभी को आवश्यक निर्देश दिए। इसी दौरान इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक मरीज के परिजनों ने पुलिस पर फर्द बयान दर्ज करने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप भी लगाया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन ने तुरंत पुलिस पदाधिकारी को फोन कर वार्ड में भर्ती महिला मरीज का फर्द बयान लेने का निर्देश दिया।ॉ






