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गौरीकुंज की छत का प्लास्टर गिरा, कुर्सियां टूटीं, निगम ने बुकिंग पर लगाई रोक – Khandwa News

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गौरीकुंज की छत का प्लास्टर गिरा, कुर्सियां टूटीं, निगम ने बुकिंग पर लगाई रोक – Khandwa News

गौरीकुंज की छत का प्लास्टर गिरा, कुर्सियां टूटीं, निगम ने बुकिंग पर लगाई रोक – Khandwa News

NEWS4SOCIALसंवाददाता| खंडवा हरफनमौला कलाकार किशोर कुमार के माता-पिता की स्मृति में बना गौरीकुंज सभागृह बदहाल हो गया है। कुछ दिन पहले ही हॉल की छत से प्लास्टर गिर गया। वहीं पीछे की हिस्से की खिड़की और दरवाजे पहले ही चोरी हो चुके हैं। अंदर लगी कई कुर्सियां टूट गईं है। टाइल्स और छत में लगी सिलिंग गिर रही है। बाहर की ओर से कई जगह दीवारों में दरारें आ गई है। इसके बाद से निगम ने सुरक्षा की दृष्टि से गौरीकुंज को किराये पर देने और इसकी बुकिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी है। तीन दिन पहले ही निर्वाचन के प्रशिक्षण के दौरान भी छत की सिलिंग गिर गई थी। इस दौरान प्रशिक्षण ले रहे कर्मचारी बाल-बाल बचे थे। तेज हवा-आंधी में टीन भी उड़ गए। हालांकि, कला प्रेमियों के लिए राहत की खबर यह है कि निगम ने इसके कायाकल्प की तैयारी शुरू कर दी है। 2 करोड़ की लागत से गौरीकुंज को संवारने के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं, जिसके बाद यहां शहर के गीता भवन जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलने लगेंगी। यहां लाइब्रेरी, रीडिंग रूम और कैफेटेरिया के साथ ही पूरे भवन को आधुनिक बनाया जाएगा। गौरीकुंज की मरम्मत के बाद निगम द्वारा इसका संचालन पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर किया जाएगा। संचालन के लिए भी निगम टेंडर लगाने की तैयारी कर रहा है। निगम अफसरों का दावा है कि जल्द गौरीकुंज के जीर्णोद्धार का काम शुरू हो जाएगा। 1982 की किशोर नाइट के फंड से रखी गई थी गौरीकुंज की नींव किशोर सांस्कृतिक प्रेरणा मंच के पदाधिकारियों ने बताया खंडवा के कलाकारों को मंच देने के लिए किशोर कुमार अपने पिता कुंजलाल गांगुली, माता गौरी देवी के नाम पर एक ऑडिटोरियम बनाना चाहते थे। इसी उद्देश्य से वर्ष 1982 में किशोर नाइट का आयोजन किया था। कार्यक्रम से प्राप्त राशि को लोक कल्याण परिषद के माध्यम से निर्माण के लिए समर्पित किया गया। जून 1983 में उनके बड़े भाई और अभिनेता अशोक कुमार ने तत्कालीन राज्य मंत्री तनवंत सिंह कीर के साथ इसका शिलान्यास किया था। किशोर कुमार के निधन के बाद निर्माण कार्य अटक गया। 1995 में निगम परिषद बनने के बाद फिर प्रयास शुरू हुए। 1998 में 4 अगस्त को लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने किया था। बुकिंग पर रोक लगाई गौरीकुंज का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। इसके लिए टेंडर कर दिया है। अभी सभागृह बदहाल होने से सुरक्षा की दृष्टि से किराये पर देने और इसकी बुकिंग पर रोक लगा दी है। सचिन सिटोले, प्रभारी आयुक्त नगर निगम

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