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कोचिंग मालिक स्टूडेंट्स से बोला-भगवान ने सपने में सवाल बताए: बेटे के 720 में 704 नंबर के सवाल सही, NEET पेपर लीक के 5 किरदार

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कोचिंग मालिक स्टूडेंट्स से बोला-भगवान ने सपने में सवाल बताए:  बेटे के 720 में 704 नंबर के सवाल सही, NEET पेपर लीक के 5 किरदार

कोचिंग मालिक स्टूडेंट्स से बोला-भगवान ने सपने में सवाल बताए: बेटे के 720 में 704 नंबर के सवाल सही, NEET पेपर लीक के 5 किरदार

NEET एग्जाम से चार दिन पहले 29 अप्रैल की बात है। महाराष्ट्र के लातूर में शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर रोज की तरह अपनी कोचिंग पहुंचे। बच्चों से एग्जाम की तैयारी के बारे में पूछा। फिर आंखें बंद कर थोड़ी देर खड़े रहे और बोले- ‘कल रात मेरे सपने में भगवान विट

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3 मई को NEET एग्जाम हुआ। पेपर में मोटेगांवकर का बताया सवाल भी आया। अगले दिन पेपर लीक की बात सामने आने लगी। 8 मई को जांच CBI को सौंपी गई। मामले में शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर समेत 13 लोग गिरफ्तार किए गए। मोटेगांवकर पर केमिस्ट्री का पेपर लीक करने का आरोप है। हालांकि एग्जाम कराने वाली एजेंसी NTA दावा कर रही है कि पेपर लीक हुआ ही नहीं। वो 10 जून यानी आज संसदीय कमेटी के सामने लिखित जवाब भी पेश करेगी।

13 गिरफ्तार आरोपियों में 9 महाराष्ट्र के हैं। दैनिक NEWS4SOCIALकी टीम इनमें से 5 प्रमुख किरदारों के घर और संस्थानों तक पहुंची।

बेटे को NEET टॉपर बनाने और मेडिकल कॉलेज खोलने का सपना

लातूर से अरेस्ट शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर का RCC (रेणुकाई करियर सेंटर) नाम से कोचिंग सेंटर है। ये NEET, JEE और MHT-CET एग्जाम की तैयारी कराता है। महाराष्ट्र के 8 और शहरों में इसके सेंटर हैं।

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कोचिंग के पास उनके कुछ जानने वाले मिले। वे पहचान बताए बिना कहते हैं कि पेपर लीक कराने के पीछे मोटेगांवकर की मंशा बेटे को टॉप कराना था। वे 23 साल से कोचिंग चला रहे हैं। सैकड़ों बच्चों को डॉक्टर-इंजीनियर बनाया। इस बार NEET में उनका बेटा बैठ रहा था। चाहते थे कि टॉप करे या अच्छी रैंक लाए।

मोटेगांवकर के एक स्टूडेंट रवि काले कहते हैं कि सर रोज कम से कम 8 घंटे कोचिंग में पढ़ाते हैं। उनके जैसा पढ़ाने वाला कोई दूसरा नहीं है।

कोचिंग में पढ़ने वाले तेजस सहारे और एक पूर्व टीचर की बातें भी यही इशारा करती हैं। तेजस कहते हैं, ‘सर का बेटा स्पेशल बैच में पढ़ता था। उसके साथ मेरे कुछ दोस्त भी थे। एग्जाम के बाद नंबर जोड़े गए, तो सर के बेटे के 720 में से 704 नंबर आए। इस बार वो टॉप करता।’

कोचिंग में पहले पढ़ा चुके टीचर कहते हैं, ‘मोटेगांवकर मेडिकल कॉलेज खोलना चाहते थे। कॉलेज बन रहा था। बस बेटे को डॉक्टर बनाना था।’

लातूर में ही मोटेगांवकर की RCC कोचिंग के लिए नई बिल्डिंग बनाई जा रही है।

कोचिंग के दो बैच को मिला था NEET का पूरा पेपर

कोचिंग में पढ़ने वाले संजय मोरे बताते हैं, ‘यहां NEET की तैयारी करने वाले कई बैच हैं। दो बैच सबसे टॉप के माने जाते हैं। पूरा पेपर सिर्फ इन्हीं दोनों बैच को मिला था।

1. एम्स बैच: इसमें सभी क्लासेज के सबसे अच्छे स्टूडेंट्स चुने जाते हैं। यही रैंक लाते हैं और इन्हीं से कोचिंग का प्रचार होता है।

2. प्रीमियम बैच: इसमें वे स्टूडेंट्स होते हैं, जो पढ़ाई में ज्यादा अच्छे नहीं, लेकिन किसी भी कीमत पर सिलेक्शन चाहते हैं।

मोटेगांवकर की करोड़ों की प्रॉपर्टी, लेकिन सामान्य लाइफस्टाइल

RCC कोचिंग का टर्नओवर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का बताया जाता है। हालांकि, हम लातूर के शिवनगर की ओंकार रेजिडेंसी में मोटेगांवकर के फ्लैट पर पहुंचे, तो ऐसा कुछ नहीं दिखा।

लातूर की इसी ओंकार रेजिडेंसी में मोटेगांवकर का फ्लैट है। यहां उनके पड़ोसी बताते हैं कि गिरफ्तारी से पहले तक वो हर दिन सुबह 7 से रात 10 बजे तक कोचिंग में ही रहते थे।

मोटेगांवकर इस फ्लैट में पिछले 10 साल से माता-पिता, पत्नी और दो बेटों के साथ रह रहे थे। बड़ा बेटा 12वीं और छोटा छठवीं में पढ़ता है।

सोसायटी के एक मेंबर बताते हैं, ‘परिवार का रहन-सहन बहुत साधारण है। घर में एक कार और स्कूटी है। मोटेगांवकर को ज्यादातर स्कूटी से ही कोचिंग जाते देखा है।’

खुला घर, बिखरा सामान और अकेले कुत्ता बचा पेपर लीक मामले में गिरफ्तार प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी उर्फ ​​पीवी कुलकर्णी को CBI ने मास्टरमाइंड बताया है। वे NTA के पेपर तैयार करने वाले पैनल में थे। आरोप है कि उन्होंने क्लास लगाकर स्टूडेंट्स को एग्जाम में आने वाले सवाल-जवाब बताए।

कुलकर्णी ने 24 साल तक लातूर के दयानंद साइंस कॉलेज में केमिस्ट्री पढ़ाई। चार साल पहले रिटायर हुए। कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल युवराज पी. सरनाईकर कहते हैं, ‘पेपर लीक में कुलकर्णी सर का नाम कैसे आ गया, हम सब हैरान हैं।‘

कॉलेज के टीचर भी इससे अनजान हैं कि वे NTA से जुड़े थे और पेपर सेट करने वाली टीम में थे। कॉलेज के बाद हम लातूर में कुलकर्णी के घर पहुंचे। घर के सामने की दीवार पर लिखा है- ‘कुलकर्णी परिवार आपका स्वागत करता है।’

लातूर में रिटायर्ड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी के घर की फोटो।

परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी है। बड़ा बेटा और बेटी इंजीनियर हैं। छोटा बेटा 10वीं में है। घर का दरवाजा खुला मिला, लाइट जल रही थीं, सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था और एक कुत्ता बैठा मिला।

काफी देर दरवाजा खटखटाने के बाद ऊपर से तीन लड़के आए। बताया कि यहां किराए से रहते हैं। कुलकर्णी और उनके परिवार के बारे में पूछने पर बोले, ‘CBI जबसे सर को ले गई, तब से परिवार का कोई नहीं आया। अकेला कुत्ता बचा है। सर पिछले डेढ़ महीने से छोटे बेटे के साथ रह रहे थे। पत्नी पुणे में बेटी के यहां गई थीं।‘

अब बेटा कहां है? जवाब मिला- ‘पता नहीं।‘

घर में पीवी कुलकर्णी के परिवार का कोई सदस्य नहीं है। किराएदार ही खुले पड़े मकान की देख-रेख कर रहे हैं।

कोचिंग के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया, ‘सर कोई कोचिंग नहीं चलाते। रिटायरमेंट के बाद घर में पढ़ते-लिखते रहते थे। हमें नहीं लगता कि सर ने ऐसा किया होगा। घरवाले हमें यहां से निकलने के लिए कह रहे हैं, लेकिन हम नहीं जाएंगे। अगर हम भी चले गए, तो उनका कुत्ता भूखा मर जाएगा।‘

पड़ोस में रहने वाले प्रदीप लोखंडे कहते हैं, ‘घर पर कभी कोचिंग चलते नहीं देखी। न किसी को ये पता था कि कुलकर्णी सर पेपर सेट करने का काम करते हैं। हम तो बस यही जानते थे कि वे दयानंद कॉलेज के रिटायर्ड टीचर हैं।‘

कोचिंग में पेपर लीक का आरोप, लेकिन कोचिंग चलते नहीं देखी पुणे से गिरफ्तार मनीषा मांढरे NTA से जुड़ी थीं। NEET में बायोलॉजी का पेपर तैयार करने वाले पैनल में थीं। पुणे के कात्रज इलाके की गंगा ओसियन पार्क सोसायटी में उनका फ्लैट है। आरोप है कि इसी फ्लैट में उन्होंने स्टूडेंट्स को कोचिंग देकर NEET एग्जाम में आने वाले सवाल-जवाब बताए थे।

सोसायटी के मेंबर बताते हैं कि मनीषा तलाकशुदा हैं और पिछले चार साल से अकेले रह रही थीं। एक बेटी है, लेकिन साथ नहीं रहती। कोचिंग चलाने के बारे में पूछने पर वे कहते हैं, ‘कभी कोई कोचिंग चलते नहीं देखी, न कोई स्टूडेंट आता दिखा। यहां कोचिंग चलाने की परमिशन भी नहीं है।‘

सोसायटी के सेक्रेटरी राज बिराजदार भी यही दोहराते हैं। वे कहते हैं, ’अगर कोचिंग चलती तो किसी को तो पता चलता। पीवी कुलकर्णी का भी यहां आना-जाना नहीं था।’

मनीषा मांढरे का फ्लैट पुणे की गंगा ओसियन पार्क सोसायटी के ए विंग में हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद से फ्लैट बंद पड़ा है।

मनीषा की लाइफस्टाइल के बारे में पूछने पर यहां रहने वाली एक महिला कहती हैं, ’हम लोगों की तरह वो मिडिल क्लास ही हैं। ज्यादा पैसा नहीं है।’ हमने पूछा क्या कभी अपने कामकाज के बारे में बताया। वे कहती हैं, ’नहीं, इस बारे में नहीं सुना।’

‘NTA से पेपर लीक कराना मनीषा के बस की बात नहीं’ मनीषा पुणे के मॉडर्न कॉलेज में पिछले 24 साल से बॉटनी पढ़ा रही थीं। छह महीने बाद रिटायर होने वाली थीं, लेकिन लीक में नाम आने के बाद कॉलेज ने सस्पेंड कर दिया। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. निवेदिता एकबोटे कहती हैं, ‘मुझे नहीं लगता कि NTA से पेपर लीक कराना इतना आसान है। मैं जितना मनीषा को जानती हूं, वो अपने दम पर ये नहीं कर सकतीं।‘

कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. निवेदिता BJP पार्षद और भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं।

NTA से जुड़े होने के सवाल पर वे कहती हैं, ‘हां ये जानते थे कि पिछले 6-7 साल से वो NTA से जुड़ी थीं, लेकिन उनकी भूमिका के बारे में कुछ नहीं पता था।‘

कॉलेज की एक टीचर कहती हैं कि मनीषा मांढरे महाराष्ट्र बोर्ड एग्जाम के पेपर भी सेट करती थीं। हम सब कई साल से साथ पढ़ा रहे हैं। हमें नहीं लगता कि वे ऐसा कर सकती हैं।

क्लिनिक बंद पड़ा, पार्लर मिला ही नहीं पेपर लीक केस में आरोपी मनीषा वाघमारे का फ्लैट भी पुणे की गंगा ओसियन पार्क सोसायटी में ही है। पति संजय वाघमारे और दो बच्चों के साथ रहती थीं। मनीषा ब्यूटीशियन हैं। पति की डेंटल क्लिनिक के अंदर ही पार्लर का बोर्ड लगा है। आरोप है कि मनीषा ने स्टूडेंट्स को मनीषा मांढरे और पीवी कुलकर्णी की कोचिंग तक पहुंचाया और बदले में मोटी रकम ली।

31 मई 2023 को मनीषा ने एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें लिखा था कि अगर आप MDS, MD, MS, BDS, MBBS, BHMS, BAMS, MBA, B.Tech, फार्मा या पैरामेडिकल में एडमिशन चाहते हैं, तो संपर्क करें।

सोसायटी के सेक्रेटरी राज बिराजदार कहते हैं, ‘वाघमारे फैमिली लंबे समय से रह रही है। सबसे अच्छे से बातचीत होती है। सोसायटी के फंक्शन में परिवार बढ़-चढ़कर शामिल होता था।‘

पड़ोसी कहते हैं, ‘पिछले 10 साल से इन्हें देख रहे हैं। घर और रहन-सहन में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखता।‘

इसके बाद हम बिबवेवाड़ी इलाके के कपिल उपवन प्लाजा में उनके पति संजय वाघमारे की क्लिनिक ‘डेंटल डिजाइंस’ पहुंचे। क्लिनिक बंद मिला।

पड़ोस में दुकान चलाने वालों ने बताया कि संजय वाघमारे का क्लिनिक यहां पिछले 7 साल से है, लेकिन वे ज्यादा किसी से घुलते-मिलते नहीं थे।

पास के दुकानदार ने बताया, ‘मनीषा को गिरफ्तार किए जाने के बाद से ये बंद है।’ मनीषा के ब्यूटी पार्लर के बारे पूछने पर वे कहते हैं, ‘क्लिनिक के अंदर ही ब्यूटी पार्लर का बोर्ड लगा है, लेकिन वहां किसी को आते-जाते नहीं देखा। डॉक्टर के मरीज जरूर आते थे। मनीषा कभी-कभार ही दिखती थीं।‘

शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के सेक्रेटरी प्रवीण निजामपुरकर कहते हैं, ‘CBI की टीम क्लिनिक पर भी जांच करने आई थी। वे CCTV फुटेज में देखना चाहते थे कि कौन आता-जाता है। हमने पूरा फुटेज दिखाया। इन लोगों के गलत काम से बच्चों का बहुत नुकसान हुआ।’

रिटायरमेंट से एक महीने पहले लीक केस में गिरफ्तार

पुणे से गिरफ्तार मनीषा हवलदार पर NEET पेपर में आए फिजिक्स के सवाल लीक करने का आरोप हैै। वे सेठ हीरालाल सराफ कॉलेज परिसर में चलने वाले स्कूल की प्रिंसिपल थीं। अगले महीने उनका रिटायरमेंट था। वे NTA के पेपर सेट करने वाले पैनल में भी थीं। हम कॉलेज पहुंचे तो स्टूडेंट बाहर खड़े थे और गेट पर ताला लटका मिला। उन्हें किसी ने नहीं बताया कि कॉलेज क्यों बंद है और कब खुलेगा।

स्कूल चलाने वाली संस्था विद्या प्रसारिणी सभा के सचिव सतीश गवली कहते हैं, ‘हम नहीं जानते थे कि वो NTA से जुड़ी हैं। पेपर लीक में उनका नाम आना हमारे लिए हैरान करने वाला है, क्योंकि स्कूल में आज तक उनके खिलाफ एक भी शिकायत नहीं आई। उनका काम और व्यवहार दोनों अच्छा था। लीक का मामला सामने आने के बाद भी वो रेगुलर स्कूल आती रहीं।’

कॉलेज के पास दुकान चलाने वाले मुकुंद शिंदे बताते हैं, ‘22 मई को सुबह करीब 10 बजे CBI की टीम आई थी। वे दिनभर कॉलेज में जांच करते रहे। शाम करीब 6 बजे कम्प्यूटर और दस्तावेज साथ लेकर गए।’

कॉलेज में इलेक्ट्रीशियन डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लेने वाले एक स्टूडेंट ने कहा- यहां कोई बताने वाला नहीं है कि कॉलेज क्यों बंद किया गया है और कब खुलेगा।

पुणे के सदाशिव पेठ इलाके की लक्ष्मी निवास सोसायटी में मनीषा का दो कमरे का फ्लैट है। परिवार में रिटायर्ड पति और 95 साल के पिता रहते हैं। बेटी और बेटा दोनों अमेरिका में नौकरी करते हैं। चार-पांच साल में एक बार घर आते हैं। CBI ने मनीषा को इसी फ्लैट से गिरफ्तार किया।

सोसायटी में रहने वाले कहते हैं, ‘CBI की टीम के साथ जब मैडम जा रही थीं, तो हमें लगा कि शायद उनके रिश्तेदार हैं। बाद में टीवी से गिरफ्तारी का पता चला। उसके बाद से पति भी फ्लैट छोड़कर चले गए। घर में पिता अकेले बचे। उन्हें काफी दिनों बाद पता चला कि उनकी बेटी गिरफ्तार हो चुकी है।

मनीष हवलदार का फ्लैट इसी लक्ष्मी निवास सोसायटी में है। पड़ोसियों का कहना है कि पढ़ा-लिखा परिवार था। कभी किसी से कोई झगड़ा या विवाद नहीं हुआ।

पेपर लीक के पीछे क्या ऑर्गनाइज्ड नेटवर्क, CBI जांच में जुटी

  • पेपर लीक को लेकर CBI का दावा है कि इसके पीछे एक ऑर्गनाइज्ड नेटवर्क है, जो कई राज्यों में एक्टिव है।
  • जांच एजेंसी पता लगा रही है कि पेपर एग्जाम से पहले किन माध्यमों से बाहर पहुंचा और इसमें कौन लोग शामिल थे।
  • सोशल मीडिया और टेलीग्राम चैनलों के जरिए पेपर बेचने या उपलब्ध कराने के दावों की भी जांच की जा रही है।
  • NTA ने NEET री-एग्जाम 21 जून को कराने का फैसला किया है। पेपर सेंटर तक भेजने के लिए इंडियन एयरफोर्स की मदद ली जा रही है।

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5 मई 2024, NEET-UG का एग्जाम था। पेपर शुरू होने से पहले ही पता चला कि पेपर लीक हो गया है। मुख्य सेंटर पटना बताया गया, जहां सॉल्वर गैंग ने एक रात पहले कुछ स्टूडेंट्स को एग्जाम में आने वाले सवाल-जवाब रटवाए। इसके अलावा भी कई गड़बड़ियां सामने आईं। एग्जाम कैंसिल नहीं हुआ। आगे ऐसा न हो, इसके लिए NTA ने फुल-प्रूफ सिस्टम बनाने का दावा किया। पढ़िए पूरी खबर…

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