गुरूवार, 20 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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बिहार में बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे को हरी झंडी, सिंचाई और रोजगार से जुड़े 13 प्रस्तावों पर भी कैबिनेट की मुहर

बिहार सरकार ने राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में बहुप्रतीक्षित बक्सर-भागलपुर छह लेन…

बिहार में बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे को हरी झंडी, सिंचाई और रोजगार से जुड़े 13 प्रस्तावों पर भी कैबिनेट की मुहर
(फोटो: IANS)

बिहार सरकार ने राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में बहुप्रतीक्षित बक्सर-भागलपुर छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना को मंजूरी दे दी गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में सड़क निर्माण, कृषि, सिंचाई और रोजगार समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कुल 13 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।

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लगभग 336 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पीपीपी (DBFOT Toll) मॉडल पर बनाया जाएगा। इसके निर्माण और प्रबंधन की जिम्मेदारी बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) को सौंपी गई है। कैबिनेट ने कॉर्पोरेशन को इस परियोजना के लिए डीपीआर सलाहकार और ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त करने के लिए भी अधिकृत किया है। इस एक्सप्रेसवे से राज्य में न केवल सड़क संपर्क बेहतर होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

सिंचाई और कृषि क्षेत्र के लिए बड़े फैसले

कैबिनेट ने किसानों को राहत देते हुए सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई अहम निर्णय लिए हैं। 'हर खेत तक सिंचाई का पानी' कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना में 1,000 नए नलकूप लगाने के लिए 83.60 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, जल संसाधन विभाग के तहत नरपतगंज में जानकीनगर शाखा नहर प्रणाली के पुनर्स्थापन के लिए 30.35 करोड़ और कटिहार वितरणी व संबंधित नहरों के लिए 35.81 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।

पशुपालन और सहकारिता को बढ़ावा

पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कॉम्फेड, पटना द्वारा राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से 'नस्ल सुधार योजना' को स्वीकृति दी गई, जिस पर 63.93 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सहकारिता विभाग के तहत चीनी मिल क्षेत्रों में प्राथमिक सहकारी समितियों के गठन और 48,200 मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता वाले नए गोदामों के निर्माण के लिए लगभग 34.95 करोड़ रुपए की योजना को भी मंजूरी मिली है।

रोजगार, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी

सरकार ने कई अन्य क्षेत्रों से जुड़े प्रस्तावों को भी पारित किया। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तहत आठ क्षेत्रीय नियोजनालयों का नाम बदलकर अब संबंधित जिला नियोजनालय कर दिया गया है। ऊर्जा क्षेत्र में, कजरा सोलर पावर परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि के लीज पंजीकरण पर स्टाम्प और निबंधन शुल्क में 50% छूट दी गई है। वहीं, राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम विकसित करने के लिए बिहार सरकार और टायो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

इनपुट: IANS

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News4Social बिहार डेस्क

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