बिहार: गोपालगंज के थाने में वसूली का खेल, SHO समेत चार गिरफ्तार, लोगों को 36 घंटे तक गैर-कानूनी हिरासत में रखने का आरोप
बिहार के गोपालगंज जिले के एक थाने में उगाही और गैर-कानूनी हिरासत का एक गंभीर रैकेट चलने का खुलासा हुआ है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, जादोपुर पुलिस स्टेशन के तत्कालीन SHO समेत चार…
बिहार के गोपालगंज जिले के एक थाने में उगाही और गैर-कानूनी हिरासत का एक गंभीर रैकेट चलने का खुलासा हुआ है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, जादोपुर पुलिस स्टेशन के तत्कालीन SHO समेत चार लोगों को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि लोगों को बिना किसी FIR के घंटों तक थाने में बंद रखा जाता था और फिर छोड़ने या केस से नाम हटाने के बदले मोटी रकम वसूली जाती थी।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) विनय कुमार को 16 अगस्त को इस रैकेट की भनक लगी। उन्होंने तुरंत मुख्यालय डीएसपी को जांच के आदेश दिए। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्य चौंकाने वाले थे। पता चला कि कई लोगों को बिना किसी कानूनी आधार या आधिकारिक रिकॉर्ड के घंटों तक थाने में रखा गया, एक मामले में तो एक व्यक्ति को करीब 36 घंटे तक अवैध हिरासत में रखा गया।
जांच में उगाही के कई मामले सामने आए
जांच टीम ने पाया कि आरोपियों ने लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूले। एक मामले में, एक बिचौलिए के जरिए 50,000 रुपये की मांग की गई थी। एक अन्य घटना में, एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी को रिहा करने के लिए 75,000 रुपये लिए गए। इसी तरह, एक युवक का नाम केस से हटाने के लिए SHO और उसके साथियों ने 55,000 रुपये की मांग की। जांचकर्ताओं को तत्कालीन SHO और एक कथित बिचौलिए के बीच हुई कई फोन कॉल्स के सबूत भी मिले हैं।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
डीएसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर 18 अगस्त को जादोपुर थाने के SHO समेत चार लोगों पर FIR दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्कालीन SHO अनिल राम, कथित बिचौलिए राजू यादव और दो गांव के चौकीदारों, राकेश कुमार व महंथ कुमार यादव, को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी SHO और दोनों चौकीदारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद, एसपी विनय कुमार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' की नीति दोहराते हुए चेतावनी दी है कि जांच में दखल देने वाले किसी भी पुलिसकर्मी या बिचौलिए के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इनपुट: IANS



