जालना: PM-कुसुम योजना से बदली किसानों की ज़िंदगी, बिजली कटौती और सूखे की चिंता हुई कम
महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त जालना जिले में केंद्र सरकार की एक योजना किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 'प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान'…
महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त जालना जिले में केंद्र सरकार की एक योजना किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 'प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान' (पीएम-कुसुम) के तहत लगाए गए सोलर पंपों ने किसानों को सिंचाई के लिए बिजली कटौती और बारिश की कमी जैसी समस्याओं से काफी हद तक छुटकारा दिलाया है। इस योजना से न केवल खेती आसान हुई है, बल्कि फसल की पैदावार में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जालना एक ऐसा इलाका है, जहां पानी की कमी के कारण किसान अक्सर खेती में नए प्रयोग करने से बचते थे। दिन में बिजली की भारी कटौती के चलते उन्हें रात के अंधेरे में खेतों में जाकर सिंचाई करनी पड़ती थी, जो काफी मुश्किल और जोखिम भरा काम था। लेकिन अब सोलर पंप लगने से यह स्थिति बदल गई है।
किसान की ज़ुबानी: पैदावार बढ़ी, रात में मिली चैन की नींद
जिले के अंतरवाला गांव के एक किसान भरत शिंदे ने इस योजना के तहत 3 किलोवाट का सोलर पंप लगवाया है। वे शरीफा और मौसंबी की खेती करते हैं। शिंदे ने IANS को बताया कि सोलर पंप की मदद से अब वे दिन में ही अपनी फसलों की सिंचाई कर पाते हैं, भले ही बिजली हो या न हो। उन्होंने कहा, “अब सिर्फ पानी देने के लिए रात में बार-बार खेत जाने की जरूरत नहीं पड़ती।”
शिंदे के मुताबिक, इस बदलाव से उनकी फसल की पैदावार में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने अन्य किसानों से भी इस योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि इससे उन्हें रात में चैन की नींद मिलेगी।
मोबाइल से चलता है पंप
इस योजना के तहत लगाए गए पंप आधुनिक तकनीक से लैस हैं। किसान इन्हें अपने मोबाइल फोन से ही चालू और बंद कर सकते हैं। इससे उन्हें बार-बार खेत की ओर भागने की जरूरत नहीं पड़ती और वे पानी का बेहतर प्रबंधन कर पाते हैं। भरत शिंदे ने किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और उनकी मुश्किलें कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। यह योजना ग्रामीण भारत में खेती के तौर-तरीकों में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
इनपुट: IANS



