शेखपुरा: बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग पर भड़के लोग, CO को झाड़ू मारी, हथियार छीनने की कोशिश
बिहार के शेखपुरा जिले में बाढ़ से बेहाल लोगों के सब्र का बांध शुक्रवार को टूट गया। पिछले 15 दिनों से जलभराव की समस्या झेल रहे घाट कुसुम्भा प्रखंड के सैकड़ों ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी (CO) कार्यालय का…
बिहार के शेखपुरा जिले में बाढ़ से बेहाल लोगों के सब्र का बांध शुक्रवार को टूट गया। पिछले 15 दिनों से जलभराव की समस्या झेल रहे घाट कुसुम्भा प्रखंड के सैकड़ों ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी (CO) कार्यालय का घेराव कर दिया और अधिकारियों को कुछ देर के लिए बंधक बना लिया। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस दौरान भीड़ ने उग्र प्रदर्शन किया, जिसमें एक महिला ने सीओ पर झाड़ू से हमला कर दिया और पुलिसकर्मी से राइफल छीनने का भी प्रयास किया गया।
ग्रामीणों की मुख्य मांग अपने क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर बाढ़ग्रस्त घोषित कराने की है। इसी मांग को लेकर कुछ लोग पिछले चार दिनों से आमरण अनशन पर भी बैठे थे। शुक्रवार को यह आंदोलन तब हिंसक हो गया जब सैकड़ों की संख्या में, खासकर महिलाएं, झाड़ू लेकर कार्यालय पहुंच गईं और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं। हंगामे के बीच एक महिला ने अंचलाधिकारी पर झाड़ू चला दी जो उनके सिर पर लगी।
प्रशासन का आश्वासन, कार्रवाई की चेतावनी
घटना की सूचना मिलने पर स्थिति को संभाला गया। एसडीएम प्रियंका कुमारी ने पत्रकारों को बताया कि ग्रामीणों की मांग का प्रस्ताव जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति को भेजा जा चुका है और विभागीय निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित इलाके में सरकार की तरफ से जरूरी सहायता पहुंचाई जा रही है। हालांकि, उन्होंने अधिकारियों को बंधक बनाने और हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी।
अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारी और जनप्रतिनिधि
इस पूरे मामले पर पूर्व विधायक विजय सम्राट ने ग्रामीणों की मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि पूरा इलाका पानी में डूबा हुआ है, इसलिए इसे बाढ़ग्रस्त घोषित किया जाना चाहिए। वहीं, चार दिन से अनशन पर बैठे पप्पू राज मंडल ने IANS से कहा कि उनकी तबीयत बिगड़ रही है और अधिकारी तभी मौके पर आए जब जनता ने कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने अधिकारियों पर तानाशाही रवैया अपनाने और सम्मानपूर्वक बात न करने का भी आरोप लगाया। बाद में अंचलाधिकारी ने अनशन स्थल पर पहुंचकर अनशनकारियों से बात की और उन्हें अनशन खत्म करने के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
इनपुट: IANS



