बिहार में बाढ़: पप्पू यादव का सरकार पर तीखा हमला, पूछा- 56 लाख लोग प्रभावित, मदद कहां है?
बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात को लेकर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार की प्राथमिकता पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें नेपाल की तो याद आ रही…
बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात को लेकर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार की प्राथमिकता पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें नेपाल की तो याद आ रही है, लेकिन अपने ही राज्य बिहार को 'लात मारी जा रही है'। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए तत्काल राहत की मांग की और सरकारी दौरों को महज दिखावा बताया।
पप्पू यादव ने बाढ़ की भयावहता का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में करीब 56 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के वक्त तो 100-100 हेलिकॉप्टर दिखते हैं, लेकिन बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए एक भी हेलिकॉप्टर नजर नहीं आया। उन्होंने कहा कि गरीब लोग 8-9 दिनों से भूखे हैं और सिर्फ पानी पीकर गुजारा कर रहे हैं।
राहत पैकेज और कर्जमाफी की मांग
सांसद ने बाढ़ पीड़ितों के लिए तत्काल 2000 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों का कर्ज भी माफ कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा पहले घोषित किए गए 5000 करोड़ रुपए के पैकेज पर भी सवाल उठाया और पूछा कि वह पैसा आखिर कहां गया।
केंद्रीय टीम के दौरे पर उठाए सवाल
बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने आई केंद्रीय टीम पर हमला बोलते हुए पप्पू यादव ने इसे एक औपचारिकता करार दिया। IANS से उन्होंने कहा, "आज यह एआई और ड्रोन का जमाना है। बिना सही जानकारी के सूखे इलाकों में ट्रैक्टर कौन चलाने गया?" उन्होंने मुख्यमंत्री के दौरे को भी निशाने पर लिया और कहा कि वे 18 दिन बाद सिर्फ पांच मिनट के लिए नाव पर बैठकर फोटो खिंचवा कर चले गए, जबकि अहमदाबाद, बरारी और भागलपुर जैसे इलाकों में पानी का स्तर अब भी जस का तस है।
पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भाजपा के 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस मौके पर सरकार को रोजगार मेला लगाना चाहिए था या महंगाई कम करनी चाहिए थी, न कि सरकारी उत्सव मनाना चाहिए।
इनपुट: IANS



