Bihar: गयाजी में पुलिस-जनता संवाद की नई पहल, हर महीने थानों में लगेगा लोक संवाद; सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा h3>
गयाजी में पुलिस और जनता के बीच भरोसे की नई पहल शुरू होने जा रही है। मगध प्रक्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने घोषणा की है कि अब हर महीने के पहले शनिवार को जिले के सभी थानों में लोक संवाद संगोष्ठी आयोजित होगी। रेड क्रॉस परिषद में आयोजित पुलिस-पब्लिक संवाद कार्यक्रम में ट्रैफिक जाम, महिला सुरक्षा और अतिक्रमण जैसे मुद्दे छाए रहे। आईजी ने साफ कहा कि पुलिस व्यवस्था तभी मजबूत होगी जब जनता सीधे अपनी समस्याएं और सुझाव रखेगी।
शहर के रेड क्रॉस परिषद में शनिवार को आयोजित पुलिस-पब्लिक संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान शहर की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम को लेकर लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी। कई लोगों ने कहा कि शहर में जाम की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि आम लोग रोजाना घंटों परेशान रहते हैं।
आईजी विकास वैभव ने कहा कि सिर्फ समस्या बताने से काम नहीं चलेगा, जनता को समाधान भी सुझाना चाहिए। हालांकि कार्यक्रम में मौजूद लोग समस्याएं तो गिनाते रहे, लेकिन समाधान के स्तर पर कोई ठोस सुझाव सामने नहीं आया। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम में मुख्य रूप से ट्रैफिक की समस्या उठी है, इससे यह भी संकेत मिलता है कि शहर में अपराध की स्थिति पहले से बेहतर है।
पढ़ें: खड़े ट्रक से टकराया टेम्पो, शादी में जा रहे 12 से अधिक लोग हुए घायल; सदर अस्पताल में कराया गया भर्ती
कार्यक्रम में अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी निभाने के बजाय नगर निगम की मिलीभगत से ही शहर में अतिक्रमण बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के पास विशेष टीम होने के बावजूद कार्रवाई प्रभावी नहीं हो रही, जिसका सीधा असर ट्रैफिक व्यवस्था पर पड़ रहा है।
आईजी ने कहा कि पुलिस की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए जिससे आम लोगों का भरोसा बढ़े। इसी उद्देश्य से अब हर महीने के पहले शनिवार को सभी थानों में “लोक संवाद संगोष्ठी” आयोजित होगी। इसमें स्थानीय लोग सीधे थाना स्तर पर अपनी समस्याएं और सुझाव रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल से समाज की सामूहिक समस्याएं सामने आएंगी और उनका समाधान अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।
अपने अनुभव साझा करते हुए विकास वैभव ने बताया कि रोहतास, पटना, भागलपुर और मुंगेर में ऐसे संवाद कार्यक्रमों से कई समस्याओं का समाधान हुआ था। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच सीधा संवाद व्यवस्था को मजबूत बनाता है।
कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने रात में रेलवे स्टेशन से घर लौटने के दौरान असुरक्षा का मुद्दा उठाया। इस पर आईजी ने प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पुलिस असिस्टेंट बूथ बनाने की योजना की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि कोई यात्री स्टेशन से घर जाते समय बूथ को सूचना देगा तो गश्ती दल को अलर्ट कर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
जब रेलवे स्टेशन पर पहले से बने लेकिन निष्क्रिय पड़े पुलिस असिस्टेंट बूथ का सवाल उठा तो आईजी ने कहा कि मामले का अध्ययन कर उसे फिर से सक्रिय करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने भरोसा दिलाया कि ट्रैफिक, सुरक्षा और जनसुविधाओं से जुड़े सभी सुझावों पर गंभीरता से काम किया जाएगा।




