भर्ती घोटाला: अभिषेक बनर्जी के सचिव को मिली राहत, पर दूसरे मामले में हाईकोर्ट ने नहीं दी अग्रिम जमानत
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के सचिव सुमित रॉय को कलकत्ता हाईकोर्ट से एक मामले में राहत मिली है, जबकि दूसरे में उनकी मुश्किलें बरकरार हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, कथि…
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के सचिव सुमित रॉय को कलकत्ता हाईकोर्ट से एक मामले में राहत मिली है, जबकि दूसरे में उनकी मुश्किलें बरकरार हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, कथित भर्ती घोटाले में अदालत ने रॉय को अग्रिम जमानत दे दी है, लेकिन सरकारी जमीन पर कब्जे से जुड़े एक अन्य मामले में उनकी याचिका खारिज कर दी गई।
न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल पीठ ने रॉय को यह निर्देश भी दिया कि वे 10 दिनों के अंदर जांच अधिकारी के सामने पेश हों और जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग करें।
बचाव पक्ष की दलीलें
सुनवाई के दौरान सुमित रॉय की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सब्यसाची बनर्जी ने तर्क दिया कि जांच एजेंसियों को मुख्य आरोपियों आशिक गाजी इमाम और सुजय हाजरा के साथ उनके मुवक्किल के किसी भी डिजिटल संपर्क का कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि भर्ती घोटाले से जुड़े किसी भी दस्तावेज पर रॉय के हस्ताक्षर नहीं हैं और शिकायतकर्ताओं ने तीन साल बाद उनका नाम इस मामले में घसीटा है।
सरकारी पक्ष का विरोध
वहीं, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने जमानत का विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि जांच में बैंक लेनदेन के सबूत मिले हैं और गवाहों के बयानों से पता चलता है कि नौकरी के नाम पर वसूले गए पैसे अलग-अलग आरोपियों के जरिए ट्रांसफर हुए थे। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि यह एक गंभीर मामला है जिसमें वित्तीय लेनदेन और दस्तावेज शामिल हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद, अदालत ने भर्ती घोटाले में रॉय को अग्रिम जमानत मंजूर कर ली, लेकिन 2023 से लंबित सरकारी जमीन कब्जा मामले में उनकी याचिका को अस्वीकार कर दिया।
इनपुट: IANS



