शनिवार, 15 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान: भारत को अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीक का वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनना होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के तहत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर बल दिया है। 15 अगस्त, 2026 को लाल किले की प्राचीर से दिए अपने भाषण में उन्होंने…

प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान: भारत को अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीक का वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनना होगा
(फोटो: IANS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के तहत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर बल दिया है। 15 अगस्त, 2026 को लाल किले की प्राचीर से दिए अपने भाषण में उन्होंने भारत से अगली पीढ़ी की रक्षा प्रौद्योगिकियों का एक वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनने का आग्रह किया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा में आत्मनिर्भर होने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

विज्ञापन

उन्होंने कहा कि जब दुनिया के देश अपने हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं, तब भारत केवल एक बाज़ार बनकर नहीं रह सकता। पीएम मोदी ने कहा, "हमें ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम विकसित करने होंगे, और हाइपरसोनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी में नेतृत्व करना होगा।"

आत्मनिर्भर भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री ने 'मेक इन इंडिया', 'स्वदेशी' और 'वोकल फॉर लोकल' जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को दोहराया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि देश को अब दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा, "दुनिया में कई ऐसी चीजें हो सकती हैं जो सस्ती हैं और जल्दी मिल सकती हैं। लेकिन उन पर निर्भर रहने से हमारी अपनी क्षमताएं नहीं बनतीं, न ही यह हमारी क्षमताओं की ताकत को परखता है। इसलिए, हमें अपनी क्षमताओं को खुद मजबूत करना होगा और अपने हितों की रक्षा खुद करनी होगी।"

बदलता युद्ध का स्वरूप और तैयारी

प्रधानमंत्री मोदी ने बदलते समय के साथ रक्षा बलों की क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज युद्ध का तरीका बदल रहा है और यह केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा, "आधुनिक लड़ाई में रिफाइनरी, बैंकिंग सेक्टर या डेटा सेंटर को टारगेट किया जा सकता है, एक तरह से, यह लड़ाई का एक नया तरीका है जहां इंफ्रास्ट्रक्चर और फैक्ट्रियां खत्म हो रही हैं।" इसी संदर्भ में उन्होंने 'मिशन सुदर्शन चक्र' का भी जिक्र किया और बताया कि इस पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

रक्षा उत्पादन और निर्यात में वृद्धि

पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में हुए विकास का ब्योरा देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि रक्षा उत्पादन में लगभग चार गुना की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि रक्षा निर्यात में लगभग 50 गुना की बढ़ोतरी हुई है और भारतीय हथियार करीब 100 देशों तक पहुंच रहे हैं। साइबर सुरक्षा को भी उन्होंने एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया, जहां युवाओं की प्रतिभा का उपयोग देश और दुनिया के लाभ के लिए किया जा सकता है।

सिविल डिफेंस और नारी शक्ति की भूमिका

पीएम मोदी ने कहा कि एक सुरक्षित भारत का निर्माण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और उभरते खतरों से निपटने के लिए बेहतर तैयारी की जरूरत है। उन्होंने पुरानी पड़ चुकी सिविल डिफेंस प्रणाली को आधुनिक बनाने और स्वयंसेवकों का एक बड़ा बल तैयार करने की बात कही। इसके साथ ही, उन्होंने राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति की बढ़ती भूमिका पर भी जोर दिया, विशेषकर रक्षा बलों में। उन्होंने कहा कि एनडीए से स्नातक हो रही बेटियां पूरे आत्मविश्वास के साथ सेना का नेतृत्व करने की क्षमता दिखा रही हैं।

इनपुट: IANS

N

News4Social राजनीति डेस्क

News4Social राजनीति डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राजनीति और चुनाव से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →