रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कैसे बदला भारत का आर्थिक चेहरा, डिजिटल क्रांति से निर्यात तक के आंकड़े
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रीलंका में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक प्रगति का एक विस्तृत ब्योरा पेश किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने बताया कि जब पूरी दुनिया आर्थिक…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रीलंका में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक प्रगति का एक विस्तृत ब्योरा पेश किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने बताया कि जब पूरी दुनिया आर्थिक विकास की चुनौतियों से जूझ रही है, तब भारत की अर्थव्यवस्था 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8% की दर से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और वैश्विक विकास में 16 प्रतिशत से ज़्यादा का योगदान दे रहा है।
राजनाथ सिंह ने पिछले एक दशक में हुए बदलावों पर ज़ोर देते हुए कहा कि 2014 में भारत की अर्थव्यवस्था दो ट्रिलियन डॉलर की थी, जो पिछले दस-बारह वर्षों में दोगुनी हो गई है। उन्होंने याद दिलाया कि आज़ादी के बाद अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचने में साठ साल लग गए थे।
रक्षा और ऑटोमोबाइल निर्यात में ज़बरदस्त उछाल
रक्षा मंत्री ने बताया कि भारत का रक्षा निर्यात (डिफेंस एक्सपोर्ट) रिकॉर्ड 38 हज़ार करोड़ रुपए के पार चला गया है। उन्होंने इसकी तुलना 2013-14 के 686 करोड़ रुपए के आंकड़े से की, जो एक बड़ी उपलब्धि को दर्शाता है। इसी तरह, ऑटोमोबाइल निर्यात में भी भारी वृद्धि हुई है। 2014 तक जहाँ भारत लगभग 50 हज़ार करोड़ रुपए की गाड़ियाँ निर्यात करता था, वहीं आज यह आंकड़ा बढ़कर 1 लाख 20 हज़ार करोड़ रुपए सालाना हो गया है।
डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक क्रांति
राजनाथ सिंह ने देश में हुई डिजिटल क्रांति का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, “भारत में पिछले दस-बारह सालों में एक डिजिटल क्रांति हुई है। आज हर हाथ में आपको स्मार्टफोन देखने को मिलेगा, जिसमें सारी सर्विसेज कंवर्ज हो रही हैं।” उन्होंने बताया कि 2014 में देश में ब्रॉडबैंड कनेक्शन की संख्या 6 करोड़ थी, जो अब 100 करोड़ तक पहुँच गई है। इसी डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई ने अगस्त महीने में ही 23.66 बिलियन लेनदेन का रिकॉर्ड बनाया, जिनकी कुल कीमत 29.88 लाख करोड़ रुपए थी।
इलेक्ट्रॉनिक सामान के उत्पादन में भी क्रांति आई है। 2014 में जहाँ 1.9 लाख करोड़ रुपए की इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएँ बनती थीं, वहीं अब यह उत्पादन 500% बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। इसका निर्यात तो 700% बढ़कर 38,000 करोड़ से 3 लाख करोड़ रुपए के पार पहुँच गया है।
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का नया केंद्र
एक और महत्वपूर्ण क्षेत्र मोबाइल निर्माण है, जिसमें भारत अब चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता बन गया है। रक्षा मंत्री के मुताबिक, 2014 में देश में सिर्फ दो मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट थीं, जबकि आज इनकी संख्या 300 से ज़्यादा है। मोबाइल निर्माण का मूल्य 18,000 करोड़ रुपए से 28 गुना बढ़कर 5.5 लाख करोड़ रुपए हो गया है, और मोबाइल का निर्यात 163 गुना बढ़कर 2.6 लाख करोड़ रुपए पर पहुँच गया है।
टैक्स सुधार और वैश्विक व्यापार
राजनाथ सिंह ने पिछले एक दशक में हुए टैक्स सुधारों, विशेषकर जीएसटी का उल्लेख किया, जिससे 'वन नेशन, वन टैक्स' की व्यवस्था लागू हुई। उन्होंने बताया कि इस दौरान भारत ने 38 देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं। यूरोपियन यूनियन के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते को उन्होंने ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया, जो 27 ट्रिलियन डॉलर के बड़े बाज़ार का दरवाज़ा खोलता है।
इनपुट: IANS



