मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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भोपाल: कांग्रेस कार्यालय पर हमले का मामला, कांग्रेस ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की

भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और एक पत्रकार पर हुए कथित हमले के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कांग्रेस कमेटी के एक…

भोपाल: कांग्रेस कार्यालय पर हमले का मामला, कांग्रेस ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की
(फोटो: IANS)

भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और एक पत्रकार पर हुए कथित हमले के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस मुख्यालय जाकर पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की और अपनी शिकायत दर्ज कराई। कांग्रेस ने इस घटना को लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर सीधा प्रहार बताया है।

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कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यालय का घेराव कर हमला किया। इस घटना के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ एक वरिष्ठ पत्रकार भी घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कांग्रेस ने पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि हमले का सामना कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर ही पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसे पार्टी ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करार दिया है।

पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल

मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सोमवार को हुई इस घटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, "पुलिस का दायित्व पीड़ितों की सुरक्षा करना और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना है, न कि पीड़ित पक्ष पर ही बल प्रयोग करना।" नायक ने इस घटना को सिर्फ राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर हमला नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा भी बताया।

मुकेश नायक ने आगे कहा, "यदि राजनीतिक दलों के कार्यालय सुरक्षित नहीं हैं, कार्यकर्ता सुरक्षित नहीं हैं और घटनाओं की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार भी हिंसा का शिकार हो रहे हैं, तो कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।"

"विचारों का जवाब हिंसा से नहीं"

कांग्रेस ने भाजपा को नसीहत देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है। मुकेश नायक के शब्दों में, "भारतीय जनता पार्टी को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र में विचारों का जवाब विचारों से दिया जाता है, हमलों और हिंसा से नहीं।" उन्होंने कहा कि विरोधी दल के कार्यालय को निशाना बनाना और मारपीट करना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है और इससे विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास हो रहा है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है।

प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और घायल पत्रकार के मामले में भी उचित कदम उठाए जाएं। इसके अलावा, घटना के दौरान पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच कर जवाबदेही तय करने की भी मांग की गई है।

इनपुट: IANS

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News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

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