चुनाव आयोग के हलफनामे पर NDA का हमला, विपक्ष पर 'झूठ और साजिश' फैलाने का आरोप
भारत के चुनाव आयोग द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किए जाने के बाद सत्ताधारी एनडीए के नेताओं ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि इस हलफनामे से विपक्ष द्वारा फैलाए गए 'झूठ…
भारत के चुनाव आयोग द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किए जाने के बाद सत्ताधारी एनडीए के नेताओं ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि इस हलफनामे से विपक्ष द्वारा फैलाए गए 'झूठ और साजिश' की पोल खुल गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एनडीए नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ भ्रामक बातें फैलाई थीं।
यह पूरा विवाद एक मीडिया रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद हैं। इसी को आधार बनाकर विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया और आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे।
हलफनामे ने दावों को किया खारिज
विभिन्न दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग के हलफनामे का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "राहुल गांधी की झूठ की पोल खुल गई है। चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त की सहमति से एसआईआर से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। अब साफ हो गया है कि राहुल गांधी ने वोट चोरी का मुद्दा देश को भ्रमित करने के लिए उठाया था।"
इसी तरह, जदयू नेता श्याम रजक ने भी कहा, "चुनाव आयोग के हलफनामे से स्पष्ट हो गया है कि विपक्ष ने वोट चोरी और फार्म-6 में बदलाव को लेकर झूठ फैलाया और देश को भ्रमित किया है।"
विपक्षी दलों को 'करारा जवाब'
सहयोगी दलों ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, "विपक्ष ने एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों में मतभेद का मुद्दा उठाया था। तीनों चुनाव आयुक्तों ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा है कि हर फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे और फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह विपक्ष को करारा जवाब है।"
वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि विपक्षी नेता लगातार चुनाव हारने के कारण झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, "लोकसभा और राज्यसभा में प्रस्ताव पास होने और राष्ट्रपति की सहमति के बाद ही मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाया जा सकता है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव के शोर मचाने से मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं हटेंगे।" राजभर ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा, "सबसे पहले कांग्रेस ने वोट चोरी की थी। ...11 वोट सरदार पटेल, 2 वोट जवाहर लाल नेहरू और 1 वोट जिन्ना को मिला था। हालांकि 2 वोट पाकर जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री बन गए थे। कांग्रेस ने उस समय वोट चोरी की थी।"
इनपुट: IANS



