मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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स्टार्टअप इंडिया: ढाई लाख से ज़्यादा स्टार्टअप्स ने पैदा की 25 लाख नौकरियाँ, छोटे शहरों की बड़ी हिस्सेदारी

केंद्र सरकार की 'स्टार्टअप इंडिया' पहल ने देश में उद्यमिता को एक नई दिशा दी है। इस कार्यक्रम के तहत अब तक 2.5 लाख से ज़्यादा स्टार्टअप्स को मान्यता मिल चुकी है, जिन्होंने मिलकर 25.42 लाख से अधिक…

स्टार्टअप इंडिया: ढाई लाख से ज़्यादा स्टार्टअप्स ने पैदा की 25 लाख नौकरियाँ, छोटे शहरों की बड़ी हिस्सेदारी
(फोटो: IANS)

केंद्र सरकार की 'स्टार्टअप इंडिया' पहल ने देश में उद्यमिता को एक नई दिशा दी है। इस कार्यक्रम के तहत अब तक 2.5 लाख से ज़्यादा स्टार्टअप्स को मान्यता मिल चुकी है, जिन्होंने मिलकर 25.42 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार का कहना है कि कारोबार को आसान बनाने के लिए किए गए सुधारों ने देश के कारोबारी माहौल को भरोसे पर आधारित बनाया है, जिसका सीधा फायदा स्टार्टअप, निवेश और रोजगार सृजन को मिला है।

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दिलचस्प बात यह है कि ये स्टार्टअप अब सिर्फ़ महानगरों तक सीमित नहीं हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में से लगभग 52 प्रतिशत गैर-मेट्रो शहरों से हैं। यह आँकड़ा दिखाता है कि छोटे शहरों और कस्बों में भी उद्यमिता की लहर पहुँच रही है। इसके अलावा, करीब 48 प्रतिशत स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक का होना महिला उद्यमिता की बढ़ती भागीदारी का एक मज़बूत संकेत है।

सरकार से स्टार्टअप्स को मिली वित्तीय मदद

सरकार ने स्टार्टअप्स की शुरुआती वित्तीय ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कई योजनाएँ चलाई हैं, जिनके ज़रिए हज़ारों करोड़ रुपए की मदद पहुँचाई गई है।

विभिन्न योजनाओं के तहत मिली सहायता:

  • स्टार्टअप इंडिया सीड फंड: इस योजना के तहत 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 244 इन्क्यूबेटरों के माध्यम से 4,100 से ज़्यादा स्टार्टअप्स के लिए 775 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता स्वीकृत की गई है।
  • फंड ऑफ फंड्स (सिडबी): भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) के ज़रिए संचालित इस स्कीम में वैकल्पिक निवेश फंडों (AIFs) को 12,600 करोड़ रुपए से ज़्यादा दिए गए। इन फंडों ने आगे चलकर लगभग 1,500 स्टार्टअप्स में 28,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया।
  • क्रेडिट गारंटी स्कीम: इस योजना के अंतर्गत 500 से ज़्यादा ऋण मामलों को समर्थन दिया गया, जिनकी कुल राशि 1,662 करोड़ रुपए से अधिक है। इन स्टार्टअप्स ने 41,000 से ज़्यादा लोगों को रोज़गार दिया है। सरकार ने इस स्कीम में गारंटी कवर को 10 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए कर दिया है।

नीतिगत सुधार और कारोबार में आसानी

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के अनुसार, स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। इनमें एंजेल टैक्स की समाप्ति, पूंजीगत लाभ कर का सरलीकरण और बीमा कंपनियों व पेंशन फंड जैसे संस्थागत निवेशकों को निवेश की अनुमति देना शामिल है। इसके अलावा, 4,400 से ज़्यादा स्टार्टअप्स को आयकर अधिनियम की धारा 80-आईएसी के तहत पात्रता प्रमाणन भी मिला है।

सरकारी खरीद में भी स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ी है। गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर पंजीकृत स्टार्टअप्स की संख्या 2021 के 8,000 से बढ़कर अब 43,000 से अधिक हो गई है, जिन्हें 68,000 करोड़ रुपए से ज़्यादा के ऑर्डर मिल चुके हैं। सरकार ने बताया कि जन विश्वास अधिनियम के तहत करीब 900 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटाकर कारोबार के लिए एक अनुकूल माहौल बनाया गया है।

इनपुट: IANS

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News4Social बिज़नेस डेस्क

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