चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष का महाभियोग लाने का ऐलान, भाजपा पर मिलीभगत का आरोप
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों ने महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी तेज कर दी है। यह कदम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर उठाया जा रहा है…
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों ने महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी तेज कर दी है। यह कदम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर उठाया जा रहा है, जिसमें दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस, जेएमएम, सीपीआई (एम) और समाजवादी पार्टी समेत कई दलों ने ज्ञानेश कुमार और भाजपा पर लोकतंत्र व संविधान के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है।
विपक्षी नेताओं ने इस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "हम भारत के संविधान में मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाएंगे।" उन्होंने आरोप लगाया कि दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के बावजूद 10 महीनों में 14 बार नियमों का उल्लंघन किया गया। तिवारी ने कहा, "जिस तरह भाजपा ज्ञानेश कुमार का बचाव कर रही है, उससे लगता है कि भाजपा सह अपराधी है। भाजपा और ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र, संविधान और मूल आत्मा के अपराधी हैं।"
विभिन्न दलों की तीखी प्रतिक्रिया
इस मुद्दे पर कई विपक्षी नेताओं ने अपनी राय रखी है। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और अगर उनमें नैतिकता है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया, "चुनाव आयोग ने एसआईआर के तहत 13 करोड़ नाम काटे हैं लेकिन एक नाम जोड़ा नहीं है।"
वहीं, कांग्रेस नेता उदित राज ने ज्ञानेश कुमार और गृह मंत्री अमित शाह पर देश के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा, "ज्ञानेश कुमार को तो जेल भेजना चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि अब लोगों को सड़कों पर उतरना होगा क्योंकि यह मुद्दा किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश का है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा, "अगर सरकार इमानदार होती तो, इतना गंभीर आरोप लगने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त कर देती।" उन्होंने भाजपा पर ज्ञानेश कुमार के बचाव का आरोप लगाया।
चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और राहुल गांधी
विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। सीपीआई (एम) सांसद वी. शिवदासन ने कहा, "यह मुख्य चुनाव आयुक्त लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांत का उल्लंघन कर रहे हैं और चुनाव आयोग तथा उसका समर्थन करने वाली मशीनरी आरएसएस और भाजपा मिलकर पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं।"
इस बीच, भाजपा द्वारा राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा, "मैं राहुल गांधी को सलाम करता हूं। इस व्यक्ति ने तीन साल पहले जो बातें कही थीं, वही बातें अब दोनों चुनाव आयुक्तों ने भी कही हैं।" कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारियों की कथित गड़बड़ी से सीधे बीजेपी को फायदा हो रहा है।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग के भीतर का मतभेद पूरा देश देख रहा है और इसी के चलते यह फैसला लिया गया है कि ज्ञानेश कुमार अब उत्तर प्रदेश नहीं जाएंगे।
इनपुट: IANS



