जयपुर: बैंक को 12 लाख का चूना लगाने वाले तीन OBC कर्मचारियों को 7-7 साल की सज़ा
राजस्थान के दौसा जिले में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) की एक शाखा में हुई धोखाधड़ी के मामले में तीन पूर्व कर्मचारियों को सात-सात साल के सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई गई है। जयपुर की एक सीबीआई अदालत ने…
राजस्थान के दौसा जिले में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) की एक शाखा में हुई धोखाधड़ी के मामले में तीन पूर्व कर्मचारियों को सात-सात साल के सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई गई है। जयपुर की एक सीबीआई अदालत ने 18 सितंबर को यह फैसला सुनाया, जिसमें बैंक को लगभग 12.14 लाख रुपये का नुकसान पहुँचाने के लिए तीनों को दोषी ठहराया गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सज़ा पाने वालों में तत्कालीन शाखा प्रबंधक, एक विशेष सहायक और एक चपरासी शामिल हैं।
दोषियों की पहचान श्योसिंहपुरा (लालसोट) शाखा के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर रामजी लाल मीणा, तत्कालीन स्पेशल असिस्टेंट मुरारी लाल मीणा और चपरासी-कम-हाउसकीपर थान सिंह लश्कर के रूप में हुई है। अदालत ने तीनों पर 85,000-85,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला बैंक के तत्कालीन डिप्टी जनरल मैनेजर की शिकायत पर शुरू हुआ था, जिसके बाद सीबीआई ने 1 फरवरी 2019 को केस दर्ज किया। जांच में सामने आया कि स्पेशल असिस्टेंट मुरारी लाल मीणा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी को अंजाम दिया। उसने गैर-कानूनी तरीके से 'नो ड्यूज सर्टिफिकेट' जारी कर दिए थे, जिसके आधार पर बैंक में गिरवी रखी संपत्तियों को छुड़वा लिया गया, जबकि उन पर लोन बकाया था।
इस साजिश में तीनों अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई, जिससे तीन लोन खातों में बैंक को कुल 12,14,660.71 रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ। सीबीआई ने जांच पूरी करने के बाद 5 मई 2022 को तीनों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए यह सज़ा सुनाई।
इनपुट: IANS



