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नाक की एलर्जी का आयुर्वेदिक उपचार क्या है ?

वर्तमान समय में हमें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जिसके लिए वैसे तो बाजार में कई तरह की दवाएं उपलब्ध होती हैं.

नाक की एलर्जी का आयुर्वेदिक उपचार क्या है ?

वर्तमान समय में हमें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जिसके लिए वैसे तो बाजार में कई तरह की दवाएं उपलब्ध होती हैं. लेकिन पीछले कुछ समय से देखने को मिला है कि लोगों का भरोसा आयुर्वेदिक दवाओं की तरफ बढ़ा है. प्राचीन काल में भारत में इसी पद्दति से बीमारियों का इलाज किया जाता था. ऐसा दावा किया जाता है कि आयुर्वेदिक दवाओं का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है. इसके साथ ही आयुर्वेदिक दवाएं किसी भी बीमारी को जड़ से खत्म कर देती हैं. इसी कारण लोगों के मन में आयुर्वेदिक दवाओं को लेकर कई तरह के सवाल होते हैं. इसी तरह का एक सवाल जो आमतौर पर पूछा जात है कि नाक की एलर्जी का आयुर्वेदिक उपचार क्या है ? अगर आपके मन में भी ऐसा ही सवाल है, तो इस पोस्ट में इसी सवाल का जवाब जानते हैं.

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नाक की एलर्जी

नाक की एलर्जी -

किसी भी बीमारी को जड़ से खत्म करना हो तो, कहा जाता है कि उस बीमारी को अच्छे से समझ लें. इसी कारण नाक की एल्रर्जी के इलाज से पहले हमारे लिए यह जानना आवश्यक हो जाता है कि नाक की एलर्जी क्या होती है. दरअसल, नाक की एलर्जी को हम एलर्जिक राइनाइटिस भी कहा जाता है. वैसे तो इसके लिए कई कारण उत्तरदायी हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर यह मौसम बदलते समय पराग कणों की वजह से या फिर धूल-मिट्टी की वजह से भी हो सकती है. इसकी वजह से हमारी श्वसन नली में सूजन भी आ सकती है. इसके अलावा अगर इसके लक्षणों की बात करें, तो छींके , नाक में खुजली या ऩाक बहना इत्यादी इसके लक्षण हो सकते हैं.

नाक की एलर्जी का आयुर्वेदिक उपचार क्या है ?
नाक की एलर्जी

नाक की एलर्जी का आयुर्वेदिक इलाज-

नाक की एलर्जी के लिए प्रय़ोग की जाने वाली आयुर्वेदिक दवाओं की बात करें, तो इसके लिए सितोपलादी चूर्ण , श्वसारी क्वाथ , महालक्ष्मी विलास रस , सहचरादि तेल, अणु तेल इत्यादी आयुर्वेदिक दवाओं का प्रय़ोग किया जाता है. इन दवाओं के प्रय़ोग से नाक की एलर्जी में अच्छा परिणाम मिलता है. लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इन दवाओं का प्रयोग करने से पहले आयुर्वेदिक दवाओं के विशेषज्ञयों से जरूर जानकारी हासिल कर लें.

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इन आयुर्वेदिक दवाओं के साथ ही हमारे लिए कुछ सावधानियां भी आवश्यक होती है. जैसे कि जब भी हम घर से बाहर कहीं धूल- मिट्टी की जगह या खुले खेतों में जाते हैं, तो हमें अपने मुँह पर कोई कपड़ा या मास्क जरूर रखना चाहिएं. जिसके वजह से धूल कण हमारे नाक में प्रवेश ना कर पाएं. इसके अलावा सुबह खाली दो चम्मच आंवले का रस , एक चम्मच गिलोय का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर हर रोज लें.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. News4social इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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KJ

Kapil Jakhar

कपिल जाखड़ News4Social के कंटेंट राइटर हैं। वे समसामयिक घटनाक्रम, फ़ीचर और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में प्रस्तुत करने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

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