अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामला: SIT ने सरकार को सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट, चोरी और कमीशन के मिले कथित सुबूत
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में कथित वित्तीय गड़बड़ी की जांच कर रही SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट यूपी सरकार को सौंप दी है। अपर मुख्य सचिव (गृह) को दी गई इस रिपोर्ट में चढ़ावा चोरी और कमीशन के सबूत होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच टीम ने इस सिलसिले में करीब 150 लोगों से पूछताछ की है और जांच अभी भी जारी है।
मुख्य बातें
अयोध्या, उत्तर प्रदेश। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह रिपोर्ट प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी गई है, जिसके बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
मिली जानकारी के मुताबिक, SIT की इस प्रारंभिक रिपोर्ट में चढ़ावे की रकम में चोरी और कमीशनखोरी को लेकर कई अहम सुबूत दर्ज किए गए हैं। इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करने के लिए जांच टीम ने अपना दायरा काफी व्यापक रखा था। एक रिपोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान SIT ने लगभग 150 लोगों से गहन पूछताछ की है ताकि मामले की हर कड़ी को जोड़ा जा सके। इस जांच के दायरे में कई लोग आए हैं, जिनमें मुख्य रूप से चंपत, अनिल और गोपाल राव नामक व्यक्तियों पर आरोप लगे हैं। SIT की रिपोर्ट इन आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसने में अहम साबित हो सकती है।
शासन को रिपोर्ट, विस्तृत जांच अभी बाकी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक प्रारंभिक रिपोर्ट है और जांच अभी भी जारी है। SIT अपनी विस्तृत जांच पूरी करने के बाद एक अंतिम और व्यापक रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इस बीच, मीडिया रिपोर्ट्स में प्रारंभिक रिपोर्ट के आकार को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह सवा सौ पन्नों की रिपोर्ट है, जबकि एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया ہے कि यह करीब 150 पेज की है। रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला तब प्रकाश में आया जब राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान और चढ़ावे के प्रबंधन में गंभीर गड़बड़ियों के आरोप सामने आए। इन आरोपों में दान की गिनती में हेरफेर, चढ़ावे की चोरी और कमीशन का खेल शामिल था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्काल एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर जांच के आदेश दिए थे। SIT को इस पूरे प्रकरण की तह तक जाकर सच्चाई का पता लगाने और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया था। अब इस प्रारंभिक रिपोर्ट के आने से मामले में जल्द ही बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।



