‘समुद्र प्रदक्षिणा’: 314 दिन, 4 महासागर और 25,500 समुद्री मील का सफर पूरा कर लौटीं सेना की नौ वीरांगनाएँ
भारतीय सशस्त्र बलों की नौ महिला अधिकारियों ने अपने असाधारण साहस और टीम भावना का परिचय देते हुए 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। करीब 314 दिनों तक चली इस चुनौतीपूर्ण समुद्री…
भारतीय सशस्त्र बलों की नौ महिला अधिकारियों ने अपने असाधारण साहस और टीम भावना का परिचय देते हुए 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। करीब 314 दिनों तक चली इस चुनौतीपूर्ण समुद्री यात्रा में उन्होंने चार महासागरों को पार करते हुए लगभग 25,500 समुद्री मील की दूरी तय की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद शुक्रवार को अहमदाबाद में आयोजित एक समारोह में इन महिला अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
यह अभियान तीनों सेनाओं—भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना—का एक संयुक्त महिला नौकायन अभियान था, जिसे भारतीय सेना के सेलिंग पोत आईएएसवी त्रिवेणी पर अंजाम दिया गया। इस लंबी और कठिन यात्रा के दौरान अधिकारियों की टीम को खराब मौसम और लगातार बदलती समुद्री परिस्थितियों जैसी अनगिनत चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसने उनके धैर्य, मानसिक मजबूती और टीम के प्रति प्रतिबद्धता की कड़ी परीक्षा ली।
साहस और टीम वर्क का सम्मान
अहमदाबाद स्थित दक्षिण पश्चिमी वायु कमान (SWAC) मुख्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, एयर मार्शल पीवी शिवानंद ने इन नौ महिला अधिकारियों को सम्मानित किया। उन्होंने महिला अधिकारियों से बातचीत कर उनके अनुभवों को जाना और इस सफलता को 'नारी शक्ति' और तीनों सेनाओं के बीच बेहतरीन समन्वय का एक शानदार उदाहरण बताया।
एयर मार्शल ने विशेष रूप से टीम की इच्छाशक्ति, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा, "अभियान के दौरान सामने आई कठिन परिस्थितियों का जिस दृढ़ता और आत्मविश्वास के साथ महिला अधिकारियों ने सामना किया, वह असाधारण है।" उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी लक्ष्य को दृढ़ विश्वास के साथ हासिल करने का संकल्प हो, तो कोई भी काम असंभव नहीं होता।
युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा
यह अभियान सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का एक महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है। अपने अनुभव साझा करते हुए महिला अधिकारियों ने बताया कि इस यात्रा ने उन्हें मुश्किल हालात में निर्णय लेने, एक-दूसरे का सहयोग करने और धैर्य बनाए रखने की महत्वपूर्ण सीख दी है। एयर मार्शल ने उम्मीद जताई कि यह उपलब्धि देश की युवा महिलाओं को पारंपरिक सीमाओं को तोड़ने और चुनौतीपूर्ण लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। इस सम्मान समारोह में तीनों सेनाओं, तटरक्षक बल, केंद्रीय बलों और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा स्कूली बच्चे भी शामिल हुए।
इनपुट: IANS



