देखिये, कैसे हुआ था पद्मावती के सेट पर अटैक?

देखिये, कैसे हुआ था पद्मावती के सेट पर अटैक?

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मवाती बहुत ही चर्चित फिल्म है। ये एक ऐसी फिल्म है, जो रिलीज होने से पहले ही सुर्खियां बटौरती नजर आ रही है। हाल ही में पद्मावती’ का टेलर रिलीज हुआ, जिसके बाद से ही इस फिल्म की चर्चा चारो तरफ हो रही है, साथ ही आपको ये भी बता दें कि ये फिल्म एक दिसंबर को रिलीज होने वाली है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये सब क्यों बता रहे हम आपको? पद्मावती के सेट पर अटैक की खबर तो बहुत सुन ली होगी आपने, लेकिन हम आपको लाइव दिखाएंगे कि कैसे हुआ था अटैक?

दरअसल, पद्मावती एक ऐसी फिल्म है, जिसका सफर कई परेशानियों से होकर गुजरा है। फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है, लेकिन एक वीडियो आया है, जिसमें पद्मावती’ के सेट पर हुए अटैक के बारे में दिखाया गया है।

जी हाँ, वही अटैक, जिसके बारे में आप लोगों ने सुना तो बहुत होगा, लेकिन हम आपको दिखाएंगे कि आखिर कैसे हुआ था अटैक?

सुन तो बहुत लिया है आपने, अब देख भी लीजिए….

पद्मावती फिल्म का निर्माण कार्य चल रहा था कि अचानक कुछ अज्ञात लोग आए, जिन्होंने वहां तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी। वीडियो के पहले चरण में आपको दिखाई देगा कि कैसे सेट पर कुछ अज्ञात शख्स घुस आते है, इसके बाद जब आप वीडियो को आगे देखेंगे तो आपको ये भी पता चलेगा कि किस तरह से अज्ञात शख्स आक्रमण का रूख अपनाने लगे थे…

 

वीडियो के दूसरे चरण में आपको दिखाई देगा कि जो लोग सेट पर अटैक कर रहे थे, उनकी कुछ लोग वीडियो भी बना रहे थे, इस दौरान वो अपना चेहरा छिपाते भी नजर आये।

बात यही नहीं थमी आगे तो मामला इतना बढ़ गया कि अटैक करने वाले लोगों के साथ गाली गलौच भी करने लगे। साथ ही ये लोग संजय भंसाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी लगा रहे थे।

जब आप वीडियो देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि आक्रमण करने वालों ने संजय लीला भंसाली की पिटाई भी की। यहाँ एक बात साफ करनी जरूरी है कि आखिर ये लोग आक्रमण क्यों कर रहे थे? दरअसल, देखिये, पद्मावती एक ऐतिहासिक फिल्म है, ऐसे में कुछ लोगों को इस फिल्म की कहानी से परहेज है, लोगों को लगता है कि इस फिल्म में इतिहास को तोड़ मरोड़ दिखाया जा रहा है।

मामलें पर एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिर, इतिहास को किसने देखा है, जो इस तरह से मारपीट पर ऊतारू हो गये, फिल्म मेकर्स तो अपना काम कर रहे थे न, तो उनके साथ मारपीट करना कहां तक मुनासिफ है ? अब आप लोग वीडियो को देखिये, और फिर तय कीजिए कि इस तरह की दादागिरी कब तक चलेगी, क्या ये सही है, या फिर इन ठेकेदारों को किसने ये अधिकार दिया?