शनिवार, 18 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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CAG रिपोर्ट: ₹60,285 करोड़ के साथ आंध्र प्रदेश देश में सबसे ज़्यादा राजस्व घाटे वाला राज्य

वित्त वर्ष 2024-25 में आंध्र प्रदेश देश का सबसे अधिक राजस्व घाटे वाला राज्य बन गया है। नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य पर ₹60,285 करोड़ का राजस्व घाटा है। इन…

CAG रिपोर्ट: ₹60,285 करोड़ के साथ आंध्र प्रदेश देश में सबसे ज़्यादा राजस्व घाटे वाला राज्य
(फोटो: IANS)

वित्त वर्ष 2024-25 में आंध्र प्रदेश देश का सबसे अधिक राजस्व घाटे वाला राज्य बन गया है। नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य पर ₹60,285 करोड़ का राजस्व घाटा है। इन आंकड़ों का हवाला देते हुए राज्य के पूर्व वित्त मंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के वरिष्ठ नेता बुग्गना राजेंद्रनाथ ने चंद्रबाबू नायडू सरकार की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

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समाचार एजेंसी IANS से बात करते हुए बुग्गना राजेंद्रनाथ ने कहा कि ये आँकड़े चंद्रबाबू नायडू सरकार की कार्यशैली और शासन की असलियत बयां करते हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय मामलों पर तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर ही बात की जानी चाहिए और सीएजी की रिपोर्ट राज्य की चिंताजनक आर्थिक स्थिति को दर्शाती है।

कर संग्रह में भी पिछड़ा आंध्र प्रदेश

वाईएसआरसीपी नेता के अनुसार, कर राजस्व (टैक्स रेवेन्यू) जुटाने के मामले में भी आंध्र प्रदेश का प्रदर्शन बेहद कमज़ोर रहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले में राज्य देश भर में 22वें स्थान पर है और त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, केरल व सिक्किम जैसे राज्यों से भी पीछे है। इसके अलावा, राज्य की कर राजस्व वृद्धि दर महज़ 1.97 प्रतिशत है, जिसे उन्होंने "बेहद कम" बताया।

'दो साल का कामकाज निराशाजनक'

नायडू सरकार के दो साल के कार्यकाल के मूल्यांकन पर बुग्गना राजेंद्रनाथ ने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब पत्रकार भी सरकार के प्रदर्शन या चुनावी वादों पर सवाल पूछते हैं तो उनके चेहरे पर एक हल्की मुस्कान होती है, जो अपने आप में सब कुछ कह देती है। उन्होंने दावा किया, "अगर आप राज्य के किसी भी बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, कस्बे या गांव में जाकर आम लोगों से सरकार के दो साल के कामकाज के बारे में पूछेंगे तो आपको एक ही जवाब मिलेगा कि प्रदर्शन बहुत खराब रहा है। मैं यही कह सकता हूं कि सरकार का कामकाज बेहद निराशाजनक रहा है।"

इनपुट: IANS

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