मंगलवार, 15 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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समान नागरिक संहिता पर NDA में अलग-अलग सुर: शिवसेना ने बताया देश की जरूरत, JDU ने कहा- 'प्रावधान देखें बिना स्टैंड कैसे लें?'

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समान नागरिक संहिता (UCC) को 21 राज्यों में लागू करने के बयान ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर ही एक नई बहस छेड़ दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…

समान नागरिक संहिता पर NDA में अलग-अलग सुर: शिवसेना ने बताया देश की जरूरत, JDU ने कहा- 'प्रावधान देखें बिना स्टैंड कैसे लें?'
(फोटो: IANS)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समान नागरिक संहिता (UCC) को 21 राज्यों में लागू करने के बयान ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर ही एक नई बहस छेड़ दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मुद्दे पर गठबंधन के दो प्रमुख सहयोगी दलों, बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) और महाराष्ट्र में शिवसेना की राय अलग-अलग है। जहाँ शिवसेना ने इसे देश की जरूरत बताते हुए इसका पुरजोर समर्थन किया है, वहीं जदयू ने सतर्क रुख अपनाते हुए कहा है कि वह बिल के प्रावधानों को देखे बिना कोई फैसला नहीं लेगी।

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बिहार के उपमुख्यमंत्री और जदयू नेता विजय कुमार चौधरी ने इस विषय पर अपनी पार्टी का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, “UCC में क्या प्रावधान किए जा रहे हैं, यह अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं। पहले बिल के प्रारूप का अध्ययन किया जाएगा... स्टैंड किसी चीज को समझने के बाद लिया जाता है। अगर यूसीसी में कोई परेशानी होगी तो सीधे गृह मंत्री से बात की जाएगी।” उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रावधानों को देखने के बाद इस संबंध में गृह मंत्री से चर्चा करेंगे, जिसके बाद पार्टी बैठक कर अंतिम निर्णय लेगी।

सहयोगियों की प्रतिक्रियाएं

शिवसेना का पूर्ण समर्थन: शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने अमित शाह के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि समान नागरिक संहिता पूरे देश में लागू हो। उन्होंने जदयू के ऐतराज की खबरों पर कहा, “मैं जदयू को बताना चाहूंगा कि कॉमन सिविल कोड किसी धर्म के खिलाफ नहीं है... यह बुनियादी तौर पर धर्म के नाम पर महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव और सामाजिक भेदभाव को दूर करने के लिए एक व्यापक व्यवस्था है।”

जदयू का सतर्क रुख: बिहार सरकार में मंत्री और जदयू नेता अशोक चौधरी ने UCC को एक “संवेदनशील मुद्दा” बताया और कहा कि इस पर पूरी तरह से चर्चा की जाएगी। एक अन्य मंत्री दीपक प्रकाश ने भी यही दोहराया कि प्रस्ताव देखने के बाद ही वे कोई टिप्पणी करेंगे।

भाजपा और अन्य दलों का पक्ष

विभिन्न भाजपा नेताओं ने गृह मंत्री के बयान का समर्थन किया है। जम्मू-कश्मीर में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा और भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने उमर अब्दुल्ला की आलोचना पर पलटवार किया। शर्मा ने कहा कि भाजपा को उमर अब्दुल्ला के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है, जबकि ठाकुर ने कहा कि UCC लागू करने से पहले उनसे पूछने की आवश्यकता नहीं है।

केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि UCC जरूर लागू होगा क्योंकि संविधान का मूल सिद्धांत जाति, पंथ या धर्म के आधार पर भेदभाव न करना है। वहीं, आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा, “यह जो राज्य-दर-राज्य करने जा रहे हैं, यह यूसीसी नहीं है। आपको अपने राज्य में कानून लगाना है, आप लगाइए, किसने रोका है? उसका आप 2029 तक इंतजार क्यों करते हैं?”

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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